विकास नंद/ सर्वव्यापी /

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास सरायपाली का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान छात्राओं से विस्तृत चर्चा कर पाई गई कमियों को दूर करने एवं आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
साथ ही छात्रावास भवन के रखरखाव और आवश्यक मांगों पर आदिम जाति कल्याण मंत्री एवं मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही गई।छात्रावास में 50 छात्राओं की क्षमता है, जिनमें से निरीक्षण के दिन 37 छात्राएं उपस्थित थीं।
अधीक्षिका सुषमा मांझी ने बताया कि शेष छात्राएं रक्षा बंधन के अवसर पर घर गई हुई हैं।
इस मौके पर आदिम जाति कल्याण विभाग के खंड प्रभारी अजय माधवन, विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र मांझी, अधीक्षिका सुषमा मांझी, महिला सुरक्षा गार्ड एवं समस्त कर्मचारी मौजूद रहे।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ आज सरायपाली छात्रावास का निरीक्षण किया गया, जिसमें अनेक कमियां पाई गईं।
इन कमियों के सुधार हेतु अधिकारियों एवं अधीक्षिका को निर्देशित किया गया है।
अधीक्षिका द्वारा रखी गई मांगों को शासन को भेजी जाने वाली निरीक्षण रिपोर्ट के साथ विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आश्रम-छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को संपूर्ण सुविधाएं, सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास हेतु शासन कृतसंकल्पित है। आगामी दिनों में सरायपाली क्षेत्र के अन्य आश्रम, छात्रावास एवं शासकीय विभागों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन शासन को भेजा जाएगा।