तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
कहते हैं, मेहनत और जज़्बे के सामने हालात हार मान ही जाते हैं। बिलासपुर कांग्रेस कमेटी के जिला संयुक्त महामंत्री अमित यादव इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्मे अमित यादव के माता-पिता ने रोज़ी-मज़दूरी कर अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प पूरा किया।तिफरा नगर के निवासी अमित यादव का बचपन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अखबार की एजेंसी लेकर घर-घर पेपर बांटा। लेकिन यही कठिन दौर ने उन्हें मजबूत इरादों वाला इंसान बना दिया। धीरे-धीरे उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जमीन कारोबार में भी अपनी पहचान बनाई। आज तिफरा नगर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में वे एक उभरते युवा नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। वे बिल्हा विधानसभा और बिलासपुर महापौर पद के लिए दावेदारी कर चुके हैं। वर्तमान में वे सरकारी राशन दुकान का संचालन और व्यवसाय के जरिए गरीबी को मात देकर एक सफल जीवन जी रहे हैं। राजनीतिक अनुभव, संघर्षशील छवि और जनता से जुड़ाव को देखते हुए, भविष्य में अगर उन्हें बिल्हा विधानसभा या फिर बिलासपुर महापौर का टिकट मिलता है, तो यह किसी के लिए आश्चर्य की बात नहीं होगी।