विकास नंद/ सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2025-26 के तहत जिले में विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मूल्यांकन कर्ता अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार यह प्रशिक्षण जिले के समस्त संकुल स्तर पर संपन्न हुआ।
विशेष मॉनिटरिंग हेतु जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे (बागबाहरा), डाइट प्राचार्य विजय खंडेलवाल (पिथौरा), डीएमसी रेखराज शर्मा (बसना), कार्यक्रम प्रभारी उमा देवी शर्मा (महासमुंद), डीपीओ कमलनारायण चंद्राकर (सरायपाली) सहित जिला प्रशिक्षक दल के डॉ. विजय शर्मा, ओम नारायण शर्मा, तुलेन्द्र सागर, नीलकंठ यादव एवं दौलत दीवान ने निरीक्षण व मार्गदर्शन किया।
डीएमसी रेखराज शर्मा ने बताया कि प्राथमिक से लेकर हायर सेकेण्डरी विद्यालयों तक की शैक्षिक गुणवत्ता परखने के लिए शोध-आधारित रूबरिक्स तैयार किए गए हैं।
इसमें 20 बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों की दक्षता, पिछले तीन वर्षों के परीक्षा परिणाम, शिक्षक-विद्यार्थी उपस्थिति, पालक एवं समुदाय की भागीदारी, अध्यापन में तकनीक का उपयोग, नवाचारी गतिविधियां, पर्यावरण संरक्षण, खेल-कूद, स्काउट-गाइड, योगा एवं विद्यार्थियों के शारीरिक-मानसिक विकास जैसे पहलू शामिल हैं।
प्रत्येक प्रश्न के लिए पांच विकल्प निर्धारित किए गए हैं, जिसके आधार पर विद्यालय की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन कर शिक्षा की गुणवत्ता तय की जाएगी।
इस कार्य के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में आकस्मिक निरीक्षण हेतु पांच विशेष टीम गठित की गई हैं।
इस पहल से विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अकादमिक एवं प्रशासनिक सहयोग के जरिए शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।