वर्धा/ बिलासपुर /तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, युवा कार्यक्रम विभाग, भारत सरकार द्वारा नेहरू युवा केंद्र-मेरा युवा भारत की ओर से आयोजित अंतर जिला युवा आदान प्रदान कार्यक्रम का आयोजन 10 से 14 फरवरी, 2025 के दौरान महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का उद्धाटन विश्वविद्यालय के महादेवी वर्मा सभागार में 10 फरवरी को कुलसचिव प्रो. आनन्द पाटील की प्रमुख उपस्थिति तथा गांधी एवं शांति अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर प्रो. पाटील ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम आवश्यक है, इससे विद्यार्थियों को भाषा, साहित्य, खान-पान, जन-जीवन और परिवेश के संबंध में जानकारी प्राप्त होती है और देश की समग्र संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से वे अवगत भी होते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि यह कार्यक्रम एक प्रकार से भारत को जानने, समझने का अवसर प्रदान करता है व भारतीयता की भावना महसूस करने का मौका देता है। वर्धा की महत्ता को बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां गांधी जी 10 साल तक रहे हैं। गांधी आश्रम आज भी वैसा ही संचालित होता है जैसा गांधी जी के समय होता था। आश्रम जाने से हम इतिहास में प्रवेश करते हैं। यह जिवंतता का प्रतीक है। गांधी जी के विचार-दर्शन यहां के कण-कण में बसे है। वर्धा शांति की एक प्रयोगशाला थी जिसमें पूरे देश को आंदोलित करने का प्रयास किया। प्रास्ताविक वक्तव्य नेहरु युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी शिवधन शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को बापू कुटी, पवनार आश्रम, मगन संग्रहालय, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, एमगिरी आदि स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में पुणे से डॉ. अशोक शेलके के नेृतत्व में 27 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए हैं। उन्होंने कुलपति प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, कुलसचिव प्रो. आनन्द पाटील, डॉ. राकेश मिश्र, व जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे का स्वागत स्मृति चिन्ह एवं सूतमाला से किया। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षक सतीश इंगोले ने किया तथा नेहरु युवा केंद्र के लेखा अधिकारी दयाराम रामटेके ने आभार माना।