बिलासपुर/ जगदीश प्रसाद पाण्डेय/ ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/
कराटे की साधना और अनुशासन से जीवन को आकार देने वाले सेंसई रमाकांत एस. मिश्र ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्हें हाल ही में प्रतिष्ठित वानकन शोतोकान कराटे इंटरनेशनल द्वारा औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय मास्टर के रूप में मान्यता दी गई है।सेंसई रमाकांत एस. मिश्र को जो प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है, वह अरेबियन कंट्री क़तर देश से जारी हुआ है। इस प्रमाणपत्र पर संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियोंमोहम्मद अब्दुल अज़ीज़ (प्रेसिडेंट वर्ल्ड शॉटोकन कराते इंटरनेशनल),शेख़ उस्मान अल-ख़ालिद ( सेक्रेटरी जनरल वर्ल्ड शॉटोकन कराते इंटरनेशनल) तथाअब्दुल हकीम सैयद (टेक्निकल डायरेक्टर वर्ल्ड शोटोकान कराटे इंटरनेशनल )के नाम और हस्ताक्षर अंकित हैं। इन सभी अंतरराष्ट्रीय पदाधिकारियों ने सेंसई रमाकांत एस. मिश्र को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी प्रदान की हैं।यह सम्मान उनके उस दीर्घकालिक समर्पण और निष्ठा का परिणाम है जो उन्होंने वर्षों तक कराटे के क्षेत्र में दिखाया। डब्लयु. एस.के.आई. , जो विश्व स्तर पर शोतोकान कराटे की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक है, ने इस प्रमाणपत्र के माध्यम से उनकी योग्यता और प्रशिक्षण को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी है।सेंसई रमाकांत एस. मिश्र के जीवन में यह कोई पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले उन्हें भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और नेहरू युवा केंद्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार दिया जा चुका है। साथ ही, वे राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं, जो उन्हें मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल भाई महावीर द्वारा प्रदान किया गया था। इसके अतिरिक्त उन्हें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा बहादुरी सम्मान भी प्राप्त हुआ।पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जल संकट के समय उन्होंने 400 से अधिक लोगों की जान बचाई, जिसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार प्रदान किया गया। यह वही अवसर था, जहां पर्यावरणविद् सुनीता नारायण और शोधकर्ता राजेंद्र कुमार, जिन्होंने सबसे पहले कोल्ड ड्रिंक में कीटनाशक होने का खुलासा किया था, भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए गए थे।मानव अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों के कारण उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। खेलकूद के साथ-साथ विशेष उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही है कि, सेंसई रमाकांत एस. मिश्र संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के संघर्ष के लिए भी एक सशक्त आवाज़ बन चुके हैं। उन्होंने हाशिए पर खड़े तबकों के न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के अधिकार को लेकर लगातार काम किया है। उनकी यह पहचान उन्हें केवल एक खिलाड़ी या प्रशिक्षक तक सीमित नहीं करती, बल्कि समाज और संविधान की मूल आत्मा के रक्षक के रूप में भी स्थापित करती है, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की गवर्नमेंट पैनल लॉयर लता नायक, एवं लॉयर लीला द्वारा उन्हें शुभकामनाएं प्रदान की गई है ।इन सभी उपलब्धियों के बीच, वानकन शोतोकान कराटे इंटरनेशनल से प्राप्त ‘अंतरराष्ट्रीय मास्टर’ की मान्यता उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाएगी। यह सम्मान केवल कराटे के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा का प्रमाण नहीं है, बल्कि भारत के उस युवा का प्रतीक भी है, जिसने कठोर साधना और अटूट विश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है।