जियाखान/ सर्वव्यापी/ ब्यूरोचीफ/
एन एच एम कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर बिफरा सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ, कार्रवाई को तत्काल शून्य घोषित करने की उठी मांगरायपुर _ भाजपा सरकार का घोषणा पत्र मोदी की गारंटी में 100 दिवस के भीतर प्रदेश के संविदा कर्मचारियों की मांगों पूरा करने की घोषणा की गई थी। किंतु अभी तक राज्य शासन ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। जिसके कारण संविदा कर्मचारी हड़ताल के लिए बाध्य हो रहे हैं । यह कहना है छत्तीसगढ़ सर्व संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय सचिव का।उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (N H M) के 16000 संविदा अधिकारी /कर्मचारी भाई _ बहन अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकाल हड़ताल पर हैं । जिसमें से नियमितीकरण, जाब सुरक्षा, अनुकम्पा नियुक्ति जैसी प्रमुख मांगें भी शामिल हैं।राज्य शासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए हमारे 33 संविदा कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की है। चूंकि संविदा कुप्रथा के इसी कुनीतियों से मुक्ति के लिए महासंघ 10 वर्षों से संघर्षरत है। इसीलिए हम राज्य शासन द्वारा किए गए इस कार्रवाई की घोर निंदा करते हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं राज्य शासन से अपील करते हैं कि एन एच एम के संविदा कर्मचारियों पर की गई सेवा समाप्ति के आदेश को तत्काल प्रभाव से शून्य घोषित करे। कार्रवाई शून्य घोषित नहीं होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के समस्त विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी जमीनी लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।*नियमितीकरण मांग एवं कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन* छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने बैठक आहूत कर राज्य के समस्त विभागों एवं योजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ *नियमितीकरण, वेतनवृद्धि संहित जारी 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में और राज्य सरकार के दमनकरी आदेश सेवा समाप्ति के विरोध में* एक दिवसीय निश्चित कालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। *एक दिवसीय हड़ताल में मंत्री और विधायकों को बादाम भेट करेंगे संविदा कर्मचारी*:– *जिला स्तरीय हड़ताल* *राज्य के समस्त माननीय मंत्री/विधायक को कलेक्टर महोदय के माध्यम से मांगों का ज्ञापन सौंपना**1किलो 🌰बदाम* पक्ष एवं विपक्ष सभी विधायकों को दी जाएं जिस जिले में जितने विधायक एवं मंत्री है सभी को समानरूप से ज्ञापन एवं बदाम भेट करते हुए , *मोदी की गारंटी के पर्चे (घोषणापत्र)*, नियमितीकरण हेतु अन्य राज्यों द्वारा जारी नीति निर्देश की प्रति सौंपेंगे। करवाई के विरोध में सभी कर्मचारियों द्वारा काले रंग के वस्त्रो का धारण कर रैली के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इन स विभागों/योजनाओं राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, स्वच्छ भारत मिशन,राष्टीय ग्रामीण आजिविका मिशन, बिहान योजना, पंचायत संसाधन केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास योजना, कृषि विभाग, जलग्रहण प्रकोष्ठ, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र, के कर्मचारियों की सहमति बनी अजय क्षत्रिय, प्रदेश अध्यक्ष मनेरगा, संजय सोनी उपाध्यक्ष, टीकचंद कौशिक, ताकेश्वर साहू, टेकलाल पाटले, सुदेश यादव, अशोक कुर्रे, पतंजल मिश्रा, प्रशांत यादव, विजय यादव, संजीव जायसवाल, तोपान सिंह दायमा, दिपक गुरूवानी, चंद्रकांत जायसवाल, चंद्रभूषण पटेल, हितेश महेश्वरी, राजेश जैन, एवं कौशलेश तिवारी, पूरन दास, संगीता नाग, शैलेन्द्र कुमार विपिन दीपमाला यदु सहित प्रमुख पदाधिकारीगण शामिल हुए।