बालक आश्रम में आपत्तिजनक हालत में मिले अधीक्षक और शिक्षिका।

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बलरामपुर/ ब्यूरो सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कलेक्टर ने आश्रम में रंगरेलियां मनाने वाले आश्रम के अधीक्षक को पद से हटा दिया है। साथ ही रात रुकने वाली शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। दोनों पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम में बिना किसी सूचना के रात रुके थे। जिसे ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा था।मामला सामने आने के बाद आक्रोशित लोगों ने दोनों को घेर लिया था।दरअसल, पहाड़ी कोरवा आश्रम कोठली के अधीक्षक रंजीत कुमार ने बिना किसी सूचना के प्राथमिक शाला की शिक्षिका को रात में हॉस्टल में ठहराया था। जिसे वहां के छात्रों ने रंगे हाथों पकड़े था। मामले की जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने दोनों को आश्रम के अंदर ही घेर लिया। फिर मामले की शिकायत बीईओ को दी गई।ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने 13 फ़रवरी की रात में फोन के माध्यम से सम्बंधित अफसरों को मामले की सूचना दी। जिसमें कहा गया कि, आश्रम अधीक्षक रंजीत कुमार आश्रम में महिला लेकर आए हैं। जो अधीक्षक रंजीत कुमार के साथ अवैधानिक रूप से शासकीय पहाड़ी कोरवा आश्रम में रुकी है। जिसे ग्रामीणों ने आश्रम के अन्दर घेर कर रखा है। जिसके बाद अधिकारी तुरंत पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। पूरे मामले की जांच में सेजल मिंज को सिविल सेवा आचरण नियम की जानकारी होने के बाद भी लापरवाही करना पाया गया।वहीं मामले की जांच के बाद बलरामपुर के कलेक्टर ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। साथ ही हॉस्टल अधीक्षक को भी पद से हटा दिया गया है। बीईओ ने इसे अमर्यादित और अशोभनीय के साथ-साथ अत्यंत गंभीर और अनुशासनहीनता बताते हुए प्रतिवेदन दिया था। पदीय दायित्व के विपरीत गंभीर कदाचार करने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत कार्यवाही की गई है।


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