बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता घनश्याम कौशिक ऐसे सक्रिय नेता और जनसेवक है जो पार्टी हित में और जनहित में बिना स्वार्थ के कार्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ते है लेकिन बीते कुछ वर्षों से भाजपा संगठन और सरकार रहते हुए भी घनश्याम कौशिक की घोर उपेक्षा होती आ रही है। जिससे वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव भी इंकार नहीं कर सकते हैं। बिलासपुर जिले के श्रेष्ठी कुर्मी समाज के अध्यक्ष, तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुरेली निवासी घनश्याम कौशिक पूर्व में जिला पंचायत उपाध्यक्ष, सदस्य रह चुके हैं, इसके अलावा वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री तीन बार रह चुके हैं लेकिन इनकी इस कदर से भाजपा संगठन में उपेक्षा किया जा रहा है,जिसकी कोई सीमा नहीं है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है घनश्याम कौशिक ने केवल जिला पंचायत अध्यक्ष के दावेदार रहे बल्कि तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के दावेदार और भाजपा संगठन के जिलाध्यक्ष के दावेदार होने के बाद भी इन्हें उक्त पदों पर नहीं नवाजे गए हैं और न ही इन्हें पूर्व रमन सरकार में किसी निगम, मंडल, आयोग या बोर्ड में जगह दी गई। जिससे यह कहना गलत नहीं कि घनश्याम कौशिक जैसे सक्रिय भाजपा नेता की आखिर किसके इशारे पर इस कदर से उपेक्षा किया जा रहा है, जिससे अब भाजपा में घनश्याम कौशिक जैसे समर्पित होकर कार्य करें। निश्चित रूप से इस दिशा में घनश्याम कौशिक को अब अपने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने की आवश्यकता है। ———/———राज्यपाल के खासमखास फिर भी उपेक्षित वहीं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस के खासमखास होने के बाद भी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर के भूतपूर्व अध्यक्ष डॉ ज्योतिष कश्यप का भी भाजपा संगठन में खुलकर उपेक्षित किया जा रहा है, आखिर क्यों..? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उक्त दोनों नेताओं के साथ ही बिलासपुर जिले में कुर्मी समाज के भाजपा समर्थित नेताओं, कार्यकर्ता का उपेक्षा कुर्मी समाज के एक वरिष्ठ नेता के इशारे पर उपेक्षा बरकरार है, बताया जा रहा है यह वरिष्ठ कुर्मी नेता नहीं चाहते कि समाज के होनहार लोग,नेता उससे ऊपर न उठ सके, इसलिए बिलासपुर में भाजपा समर्थित कुर्मी समाज के नेताओं का यही हाल सदैव बना रहेगा। ऐसे में बिलासपुर के कुर्मियों को सोचने की आवश्यकता है कि उन्हें अपने भविष्य के लिए क्या करना चाहिए।