तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
यदुनंदन नगर तिफरा निवासी रज्जू कोशले ने सन 2018-19 में 10 – 20 बीजों और दो – चार पौधों का रोपण से कार्य शुरू किया और साल दर साल यह सिलसिला बढ़ाते गया।
प्रारंभ में रोपे गए बीज और पौधे अब जाकर ले रहे हैं, जिससे तिफरा क्षेत्र, चिल्हाटी, दोमुहानी, दर्रीघाट में अरपा नदी किनारे तथा गृह ग्राम फुलवारी में पौधों की हरियाली दिखने लगी है। इसकी प्रेरणा तब जगी जब छोटा बाबू असीम जब तीन-चार साल का था। तब गर्मी का मौसम था बाजार से लाए आम और जामुन का फल खाते हुए पूछा कि ये फल कैसे बनता है। तब श्री रज्जू कोशले ने बच्चे का जिज्ञासा शांत करने बताया कि फल के अंतर जो बीज है उसे ऐसे ही फेंक देने से उग जाएगा, फिर बड़ा होकर फल देने लगेगा। तब बच्चे की प्रेरणा से हमने अपने गृह ग्राम फुलवारी में कुछ बीजों को आंगन – बाड़ी में डाल दिया जो अब वृक्ष का रूप ले रहा है, वहीं हरियाली भी छा रही है।*फिर ये सिलसिला चल पड़ा*बीज और पौधा रोपने का यह सिलसिला यूँ ही जारी रहा। पौधे सुरक्षित रहे इस गरज से किसी के घर, आंगन, खेत – खलिहान में बीज का छिड़काव करते रहे। दो – चार पीपल – बरगद के पौधे खाली जगह और तालाब के मेड़ पर रोक दिए गए।
इस साल बारिश से पहले बच्चे के सवाल पर हमने 1 लाख बीज संचरण का संकल्प लिया था। गृह ग्राम फुलवारी मुंगेली के बच्चों से आम, जामुन, नीम, इमली, अर्जुन वृक्ष के बीज एकत्रित कराया गया साथ ही डी. के. हाई स्कूल तिफरा बिलासपुर और शासकीय हाई स्कूल चोरभट्ठी के बच्चों ने भी सहयोग किया। वहीं कुछ बीजों को सीपत बलौदा के समीपस्थ ग्राम झमेली से संग्रह किया।*आंचल में तालाब, सड़क किनारे एवं खाली स्थानों पर किया संरक्षण*बिलासपुर के मोपका, सीपत बलौदा, पंतोरा, कनकी, देउरमाल, उरगा होते हुए नेशनल हाईवे होते हुए बरबसपुर, दादर, झगरहा, नकटीखार, रिसदा, बालको (कोरबा) में सड़क किनारे बीज रोपण व संचरण किया गया वहीं रास्ते पर सड़क के किनारे स्थित तालाबों के मेड़ों पर आम और जामुन के बीजों का रोपण तथा पीपल – बरगद के पौधों का रोपण किया गया । बिलासपुर के रेलवे क्षेत्र, महमंद, ढेका, नेशनल हाईवे, दर्रीघाट, जयरामनगर, पाराघाट टोल प्लाजा अर्जुनी मोड़, अकलतरा चौक, तरौद, किरारी, चोरभट्ठी, पौना, तागा में आम, इमली और अर्जुन वृक्ष के बीजों का रोपण और संचरण किया गया। बीजों का रोपण और संचरण के इस पुनीत कार्य को गति देते हुए बिलासपुर के घुरू, मेण्ड्रा, पांड़, होते हुए नेशनल हाईवे, सलमपुर, सकरी से होते हुए तखतपुर – मुँगेली रोड पर पेंडारी बिनौरी, काठाकोनी से लाखासर, सागर, कुरेली, खजूरी, महमल्ला, सकर्रा, बुटेना, अमसेना होते हुए नेशनल हाईवे कोपरा जलाशय, बेलमुंडी, तिवारी पारा से सैदा तक सड़क किनारे तथा तालाबों के मेंड़ में आम, जामुन, नीम और अर्जुन वृक्ष के बीज डाले गए। ऐसे ही मंगला, लोखण्डी, तुरकाडीह, निरतू, घुटकू, लमेर, गौबंद लारीपारा, खरगहना, खरगहनी, पीपरपारा होते हुए कोटा – रतनपुर मार्ग पर जोगीपुर, लारीपारा, अरपा नदी किनारे के साथ ही अरपा भैंसाझार मार्ग में तथा अरपा भैंसाझार क्षेत्र में अर्जुन वृक्ष के बीजों का रोपण व संचरण किया गया। रायपुर रोड पर तिफरा, परसदा, चकरभाठा, नेशनल हाईवे से रहंगी, मोहभट्ठा,मुढ़ीपार, बिल्हा, उमरिया, बिटकुली, गुमा, झाल, बरतोरी, अमलडीहा, राजपुर, लछनपुर, नयापारा, खजरी, ढाबाडीह, लटवा बलौदा बाजार तक बीजों का छिड़काव तथा तालाब के मेड़ पर व अमलडीहा शिव मंदिर के सामने पीपल का पौधा रोपा गया। वही शिवनाथ नदी के तट पर अर्जुन वृक्ष के बीजों का छिड़काव किया गया।इस तरह पूरे क्षेत्र में एक लाख से अधिक बीजों को बारिश के समय खाली स्थानों पर सड़क किनारे छिड़का व रोपा गया जिससे झाड़ी – झुरमुट में उग सके और जानवरों से सुरक्षित रहे।


