कोरबा जिले की कार्यशैली पर सरकार ने बजाई तालियाँ, कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने की विशेष सराहना, सूर्य घर योजना में बना उदाहरण। - Sarvavyapi कोरबा जिले की कार्यशैली पर सरकार ने बजाई तालियाँ, कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने की विशेष सराहना, सूर्य घर योजना में बना उदाहरण। - Sarvavyapi

कोरबा जिले की कार्यशैली पर सरकार ने बजाई तालियाँ, कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने की विशेष सराहना, सूर्य घर योजना में बना उदाहरण।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

राज्य शासन द्वारा मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में कोरबा जिले के कार्य प्रदर्शन को उत्कृष्ट श्रेणी में आंका गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया गया, जिसमें कोरबा जिले ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि कोरबा जिले में सूर्य घर योजना का क्रियान्वयन अत्यंत प्रभावशाली रहा है। जिस तरह से जिले ने जनसहभागिता, तकनीकी दक्षता और पारदर्शिता के साथ इस योजना को आगे बढ़ाया है, वह अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत है।

जानकारी के अनुसार, कोरबा में अब तक बड़ी संख्या में घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल बिजली बिलों में कमी आई है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पर्यावरणीय लाभ भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिले ने इस योजना को मिशन मोड में लागू करते हुए कई नवाचार किए हैं, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के हित में संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिलों को लगातार प्रोत्साहित करेगी।दिलचस्प पहलू यह है कि हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर के कार्यों पर सवाल उठाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में सरकार द्वारा कोरबा जिले के प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा किए जाने से यह संकेत साफ है कि राज्य सरकार ने कलेक्टर के कामकाज को संतोषजनक और परिणामोन्मुख माना है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव, और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया कि धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और ग्रामीण विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में कोरबा जैसे जिलों की कार्यशैली को मॉडल के रूप में अपनाया जाए।

इससे यह कहना गलत नहीं होगा कि कोरबा जिले ने अपने कुशल प्रशासनिक नेतृत्व और टीम भावना के माध्यम से न केवल योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया है, बल्कि राज्य में सकारात्मक प्रशासनिक उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिसके चलते मुख्यमंत्री स्वयं उसकी पीठ थपथपाने से नहीं चूके।


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