तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की चर्चित “महतारी वंदन योजना” के तहत लाखों महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं। यह योजना महिलाओं के लिए राहत बनकर आई थी, लेकिन अब बिजली विभाग के “स्मार्ट मीटर” ने उस राहत को झटका बना दिया है।जहां एक ओर महिलाओं के खाते में एक हजार रुपये आने से खुशी की लहर थी, वहीं दूसरी ओर बिजली के भारी-भरकम बिल देखकर लोगों के चेहरे उतर गए हैं। पूरे प्रदेश में चर्चा है कि सरकार ने जो राशि महतारी वंदन योजना में दी है, वही अब बिजली बिल के रूप में वापस वसूल की जा रही है।बिलासपुर निवासी रेखा तिवारी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार हजार रुपये दे रही है, लेकिन बिजली विभाग हर महीने डेढ़ हजार वसूल कर रहा है। आखिर ये कैसी मदद है?जनता अब सोशल मीडिया पर भी व्यंग्य कर रही है कि महतारी वंदन योजना से खाते में रकम आई, पर स्मार्ट मीटर ने घर की मुस्कान छीन ली!ग्रामीण इलाकों में लोग तंज कसते हुए कहते हैं कि सरकार ने हाफ बिजली बिल का वादा किया था, लेकिन अब तो पूरा गांव डबल बिल से हलकान है।वहीं, बिजली उपभोक्ताओं में यह धारणा तेजी से फैल रही है कि स्मार्ट मीटर का झटका महज तकनीकी नहीं, बल्कि आर्थिक झटका है। लोगों का कहना है कि महतारी वंदन योजना का खर्चा आम जनता के बिजली बिलों से ही पूरा किया जा रहा है।अब जनता सवाल पूछ रही है कि क्या यही है हाफ बिजली बिल का वादा या फिर स्मार्ट मीटर से मिलने वाला डबल झटका?प्रदेशभर में यह मुद्दा अब गर्म है। लोग कह रहे हैं कि सरकार अगर वास्तव में जनता के बोझ को कम करना चाहती है, तो पहले इन “स्मार्ट झटकों” पर रोक लगाए।


