विकास नंद/ ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/

अगर आप शिक्षा व्यवस्था में कुछ अच्छा करना चाहते हैं, तो संभल जाइए, क्योंकि यहां गुड वर्क करने का इनाम तबादला है!
महासमुंद जिले के सरायपाली के स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय के प्राचार्य मनोज पटेल को हटा दिया गया है , कारण? अच्छा काम करना!मनोज पटेल जब सेजेस के प्राचार्य बने, तब वहां का परीक्षा परिणाम आसमान छूने लगा लेकिन शायद यह उड़ान जिला शिक्षा अधिकारी को रास नहीं आई।
डीईओ ने बिना समय गंवाए आदेश जारी कर दिया और पटेल जी को वापस मूल शाला ग्राम भूथिया भेज दिया। हद तो तब हो गई जब यह आदेश उस अनुमोदन से भी तेज निकला जो कलेक्टर द्वारा संचनालय को भेजा गया था।जैसे ही आदेश आया, लोगों को शक हुआ ,कहीं यह तबादला योग्यता की सजा तो नहीं?
अब प्रश्न यह है कि क्या हमारे सिस्टम में “काम अच्छा मत करो, वरना हटाए जाओगे” नाम का कोई नया नियम लागू हो गया है?
जब शिक्षकों पर शिकायत होती है तब जांच लंबे समय तक चलती है, लेकिन अगर कोई शिक्षक बच्चों का भविष्य संवार दे, तो उसके लिए तत्काल कार्रवाई तय है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद महासमुंद के अधिकारियों के रवैये से कई बार नाखुश रह चुके हैं, लेकिन लगता है नीचे तक संदेश नहीं पहुंचा या फिर पहुंचते ही आदेश फाइल के नीचे दब गया।
मनोज पटेल ने अब संचानालय से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई है।
अब देखना ये है कि क्या सिस्टम उन्हें ‘वापसी टिकट’ देगा या ‘योग्यता की सजा’ को स्थायी बना देगा।


