कबीरधाम/धनंजय साहू/ब्यूरो चीफ/सर्वव्यापी/
कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के किशुनगढ़ निवासी राम बिहारी चंद्राकर का नाम इन दिनों चर्चा में है। सामाजिक कार्यों में वर्षों से सक्रिय रहने वाले राम बिहारी अब धीरे-धीरे राजनीति के अखाड़े की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में उनकी बढ़ती सक्रियता और जनसंपर्क को देखकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे आने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव या फिर विधानसभा चुनाव में मैदान में उतर सकते हैं।राजनीति में उतरने की संभावना इसलिए भी मजबूत मानी जा रही है क्योंकि राम बिहारी चंद्राकर का परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बैजनाथ चंद्राकर के भतीजे और पूर्व विधायक ममता चंद्राकर के मामा हैं। परिवार की यह राजनीतिक पृष्ठभूमि और क्षेत्र में उनकी सामाजिक पहचान अब राजनीति की सीढ़ी बनती दिख रही है।क्षेत्र की जनता भी उनके मिलनसार और सहज स्वभाव से प्रभावित है। कई लोग अब खुले तौर पर यह कहने लगे हैं कि “राम बिहारी चंद्राकर जैसे सजग और संस्कारी व्यक्ति को राजनीति में आना ही चाहिए।”हालांकि, कुछ जानकार मुस्कुराते हुए कहते हैं — “राजनीति में आने की तैयारी हर समाजसेवी करता है, बस वक्त आने पर सेवा का बैज टिकट में बदल जाता है!”राम बिहारी चंद्राकर खुद इस चर्चा पर भले ही चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन क्षेत्र में चल रही हलचल बता रही है कि समाजसेवा से शुरू हुआ उनका सफर अब ‘सक्रिय राजनीति’ की ओर मुड़ने वाला है।क्या यह जनसेवा का विस्तार है या राजनीति का आकर्षण ,इसका जवाब आने वाला चुनाव ही देगा।


