विकास नंद/ सर्वव्यापी/

आज सरायपाली विधानसभा के अनेक गांवों से “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के अंतर्गत कुल 63 श्रद्धालुओं को प्रयागराज, हनुमानगढ़ और काशी विश्वनाथ तीर्थ दर्शन के लिए ध्वज दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, जनपद पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।इस योजना का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, धर्म और आध्यात्मिकता से जुड़ी प्रमुख स्थलों का दर्शन कराना है। योजना के माध्यम से श्रद्धालु माँ भारती के विशाल हृदय में स्थित योद्धा और वीरांगनाओं के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास का अनुभव कर सकेंगे और राष्ट्र के पुनः जागरण की दिशा में सकारात्मक पहल का हिस्सा बनेंगे।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने बताया कि यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के शासनकाल में पूरे पांच वर्षों तक इसे बंद कर दिया गया था। छत्तीसगढ़ में भाजपा की वर्तमान विष्णु देव साय सरकार के सत्ता में आने के बाद इसे पुनः शुरू किया गया है।
योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के श्रद्धालुओं को शामिल किया जाता है। यदि पति-पत्नि साथ यात्रा कर रहे हों तो किसी एक को उम्र की छूट दी जाती है। हर महीने पात्र श्रद्धालुओं को शासन द्वारा चिन्हित तीर्थस्थलों और देवस्थलों का दर्शन कराने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पूर्णतः निःशुल्क है।
यात्रा के दौरान आने-जाने, ठहरने और भोजन आदि की सभी व्यवस्थाओं का खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा, बल्कि सामाजिक एवं आध्यात्मिक जुड़ाव भी मजबूत होगा।


