धनंजय चेतन साहू /ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/
पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के मुख्यालय पंडरिया चौक से रहुंवा तक करीब दो किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क आज बदहाली की मिसाल बन चुकी है। यह सड़क जहां कभी नगर की जीवनरेखा मानी जाती थी, वहीं अब पूरी तरह जर्जर होकर नागरिकों के लिए मुसीबत बन गई है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और जलभराव ने इसे दलदल का रूप दे दिया है।बरसात के मौसम में इस मार्ग पर चलना किसी जोखिम से कम नहीं था। स्कूली बच्चों, बाइक सवारों और आम लोगों को रोज़ाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि विधायक भावना बोहरा ने बरसात के बाद सड़क का नवनिर्माण कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो सड़क बनी और न ही काम शुरू हुआ।जनता में अब वादा-खिलाफी को लेकर गुस्सा उबाल पर है। लोगों का कहना है कि “विकास के वादे तो बहुत हुए, पर सड़क वहीं की वहीं रह गई।” भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ असंतोष का माहौल बनता जा रहा है।निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।पंडरिया की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई और पक्के काम की मांग कर रही है।


