विकास नंद/ सर्वव्यापी/
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2025 के तहत राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं बूथ लेवल एजेंटों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के निर्देशन तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा के मार्गदर्शन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया।प्रशिक्षण में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर तोषण गिरी गोस्वामी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एसआईआर की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पुनरीक्षण भारतीय संविधान की धारा 324 एवं 326, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। मतदाता या उनके परिवार का कोई वयस्क सदस्य प्रपत्र भरकर बीएलओ को लौटाएगा। एक प्रति रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को भेजी जाएगी, जबकि दूसरी प्रति मतदाता को पावती रूप में दी जाएगी।इन प्रपत्रों के आधार पर तैयार निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को होगा। इसके बाद 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियाँ ली जाएंगी और निराकरण के उपरांत 7 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
मास्टर ट्रेनर ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं अद्यतन करना है ताकि कोई भी योग्य नागरिक वंचित न रहे और अयोग्य नाम सूची में न जुड़ें।इस अवसर पर निर्वाचन पर्यवेक्षक आर.के. बारले, सहायक प्रोग्रामर नागेश साहू एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


