विकास नंद/सर्वव्यापी/
आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर विनय लंगेह ने आज वन विभाग के प्रशिक्षण हाल में जिले के सभी समिति प्रबंधकों, केंद्र प्रभारियों, डाटा एंट्री ऑपरेटरों एवं सुपरवाइजरों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि किसानों की सुविधा और पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। धान खरीदी पूरी तरह शासन के नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, अन्यथा अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों में शाम 5 बजे के बाद धान की खरीदी नहीं की जाए तथा रिजेक्टेड या अधिक नमी वाले धान को उसी दिन उठा लिया जाए। किसानों को टोकन के आधार पर ही नया या पुराना बारदाना उपलब्ध कराया जाए।कलेक्टर ने सभी समितियों को रजिस्टरों के सही संधारण पर जोर दिया — जिसमें टोकन रजिस्टर, धान आवक रजिस्टर, बारदाना वितरण रजिस्टर, खरीदी रजिस्टर, तौल कांटा रजिस्टर, स्टेक रजिस्टर एवं निरीक्षण पंजी शामिल हैं।उन्होंने कहा कि धान के बोरे किस्मवार और बारदाने के अनुसार स्टेक किए जाएं। नए बारदानों पर समिति का नाम, पंजीयन नंबर एवं धान की किस्म की छपाई अनिवार्य हो। बोरो की सिलाई जूट सुतली से की जाए, प्लास्टिक रस्सी का उपयोग नहीं हो।धान खरीदी के समय किसान के टोकन और ऋण पुस्तिका में दर्ज रकबे का मिलान कर लिया जाए, साथ ही 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीदी नहीं की जाए। सभी उपार्जन केंद्रों में सीसीटीवी कैमरा चालू स्थिति में रहें और इलेक्ट्रॉनिक काटा-बाट का ही उपयोग किया जाए।सुरक्षा के लिए आकस्मिक वर्षा से बचाव हेतु कैप कव्हर, प्लास्टिक बोरी, भूसा तथा नालियों की व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति गांव की औसत उपज से अधिक मात्रा में धान विक्रय हेतु टोकन लेता है, तो उसकी जांच अनिवार्य रूप से की जाए। अन्यत्र से एकत्रित या अवैध धान की खरीदी प्रतिबंधित रहेगी।उन्होंने कोचिया और बिचौलियों पर सख्ती बरतने को कहा — ऐसे व्यक्तियों से धान खरीदी न की जाए और सूचना तत्काल नोडल अधिकारी को दी जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेक पोस्ट पर अन्य राज्यों से आने वाले धान पर कड़ी निगरानी रखने और अवैध परिवहन पाए जाने पर वाहन व धान जब्त करने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने कहा कि खरीदी केंद्रों में धान की किस्मवार स्टेकिंग मोटा, पतला, सरना और बारदाने के अनुसार एकरूपता में हो ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।— महासमुंद जिला प्रशासन


