नूर मोहम्मद/ गौरेला पेंड्रा मरवाही/(सर्वव्यापी)
जनजातीय समाज के महान योद्धा, जन नायक जिन्हें धरती का पिता कहा जाता है, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज गौरव दिवस मनाया गया। विधायक प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में मरवाही विकासखण्ड के ग्राम मझगवां के खेल मैदान में जिला स्तरीय भव्य आयोजन किया गया। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं और लोक नृतक दलों ने जनजातीय एवं लोक संस्कृति पर नृत्य-गीत की शानदार प्रस्तुति दी। लोक नृतक दलों द्वारा धोती, कुर्ता, मोर पंख की कलगी एवं पैरों में घुंघरू बांधकर पारंपरिक वाद्य यंत्रों-ढोलक, मृदंग, हारमोनियम, टीमकी आदि की धुन पर सुआ, कर्मा, गौरा आदि लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा और छत्तीसगढ़ महतारी की छाया चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित करके किया गया।
मुख्य अतिथि मरपची ने कहा कि आज का दिन न सिर्फ जनजातियों के लिए बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए गौरव का दिन है। भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन काल में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने धर्म, समाज और गरीबों के लिए लड़कर भगवान का दर्जा प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहा है। जनजातीय समाज का इतिहास गौरवशाली उपलब्धियों से भरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय समाज की चिंता करते हुए अनेक योजनाएं प्रारंभ किए हैं और भगवान बिरसा मुंडा के जयंती को गौरव दिवस रूप में मनाया जा रहा है। मरपची ने जनजातीय गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संदेश को पढ़कर सुनाया। मुख्यमंत्री के संदेश में भगवान बिरसा मुंडा की जीवन गाथा और जनजातीय गौरव दिवस को अविस्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल ग्रामों, विकासखण्ड, जिला तथा राज्य स्तर पर किए जा रहे विविध कार्यक्रमों का उल्लेख है। समारोह को जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह ने भी संबोधित किया। जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने स्वागत संबोधन दिया।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के नर्मदा जिले में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से हमारे भारतीय चेतना का केंद्र रहा है। उन्होंने देश की आजादी में जनजातीय समाज के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों और उनके शौर्य गाथा से अवगत कराया। मोदी ने कहा कि 2014 के पहले भगवान बिरसा मुंडा को कोई याद करने वाला नहीं था। आदिवासी समाज का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। जनजातीय मंत्रालय का बजट कई गुना बढ़ाया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में विकास कार्य किया जा रहा है। जनजातीय समाज के जीवन शैली में बदलाव आया है। खेलों के क्षेत्र में हर बुलंदियों को छूने की ताकत रखते हैं। दुनिया में तिरंगे की शान बढ़ाने में जनजातीय खिलाड़ियों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नई प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें आगे बढ़ाने का काम कर रही है। हमने आकांक्षी ब्लॉक बनाकर और पीएम जनमन योजना से प्राथमिकता से योजनाओं का लाभ दिला रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत ग्राम पंचायतों को विकास का धुरी बनाया गया है। देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के पद पर जनजातीय समाज की द्रौपदी मुर्मू विराजमान है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री हैं। इसके साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्री, विधान सभा स्पीकर और राज्यपाल भी जनजातीय समाज से हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम एक साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ विकसित भारत की सपना को पूरा करेंगे। उन्होंने वंदे मातरम् के जयकारे के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
समारोह स्थल पर आदिम जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई तथा स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा जरूरतमंदों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। इस अवसर पर विभिन्न जनजातीय समाज प्रमुखों सहित अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला मुकेश दुबे, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, गणमान्य नागरिक, लालजी यादव, पवन पैकरा, बृजलाल राठौर, मनीष श्रीवास, किशन सिंह ठाकुर, अर्चना पोर्ते, राकेश चतुर्वेदी, लुसन राठौर, कुबेर सर्राटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


