विकास नंद/ सर्वव्यापी/
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह के निर्देश पर आज धान उपार्जन केंद्रों में अनुपस्थिति एवं लापरवाही बरतने वाले 3 कर्मचारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (एस्मा) 1979 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति भूकेल के घनश्याम चौधरी, सहायक समिति प्रबंधक तोरेसिंहा के राजेश प्रधान तथा बिछिया केंद्र के पंकज साव के खिलाफ FIR की कार्रवाई की गई है।ज्ञात हो कि जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो चुकी है। राज्य शासन के निर्देशानुसार सभी 182 उपार्जन केंद्रों में व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, इसके बावजूद पहले दिन केवल 48 प्रभारी प्रबंधक और 56 कंप्यूटर ऑपरेटर ही उपस्थित पाए गए। अनुपस्थित 134 प्रभारी प्रबंधक एवं 126 डाटा एंट्री ऑपरेटरों को कलेक्टर द्वारा अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया था, जिसमें ड्यूटी पर तत्काल उपस्थित होने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।धान खरीदी कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए 31 जनवरी 2026 तक किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य से इंकार को एस्मा अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे में अनुपस्थिति या लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को एस्मा अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन या कार्य से इंकार करने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


