विकास नंद/ सर्वव्यापी/
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले ही जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर व्यापक निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में 1 नवंबर से 16 नवंबर तक की अवधि में 37 प्रकरणों में कुल 4 हजार 266 क्विंटल धान जब्त किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।जिले में अन्य राज्यों एवं सीमावर्ती जिलों से अवैध धान प्रवेश को रोकने के लिए 16 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। साथ ही, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से धान खरीदी व्यवस्था पर सतत् निरीक्षण किया जा रहा है।मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 से 16 नवंबर के बीच प्रदेश में जब्त किए गए अवैध धान में महासमुंद का हिस्सा सबसे अधिक है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था के लिए 111 उपार्जन केंद्रों में ग्राम पंचायत सचिवों को प्रभारी बनाया गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करते हुए अब तक 9 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस तथा 3 कर्मचारियों पर ESMA एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।कलेक्टर श्री लंगेह ने बताया कि जिले की 130 समितियों के 182 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी जारी है। किसानों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। सोमवार के लिए 536 किसानों के टोकन जारी किए गए हैं, जिसके तहत 32237 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित है।प्रशासनिक अमला एवं समिति के कर्मचारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक किसान को समय पर, पारदर्शी और सुचारू व्यवस्था के साथ धान बेचने की सुविधा मिल सके।


