विकास नंद/सर्वव्यापी/
जिले में प्रशासन द्वारा मजदूरों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। मजदूरों को बिना अनुज्ञप्ति एवं पलायन पंजी (Migration Register) में दर्ज किए बगैर दूसरे राज्यों में भेजने की कोशिश करने वाले दलालों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश कलेक्टर द्वारा पहले ही दिए जा चुके हैं। उसी क्रम में श्रम विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा मामला सामने आया है।16 नवम्बर को श्रम विभाग को सूचना मिली कि बसना निवासी समीर खान द्वारा 22 ग्रामीण मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर उत्तर प्रदेश स्थित ईंट भट्ठे में भेजने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही श्रम विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मजदूरों से पूछताछ की।पूछताछ के दौरान मजदूरों ने अपना नाम अनिल चौहान, भवानी चौहान, रेवशंकर चौहान, रायमोती चौहान, गुरूदयाल कंवर एवं बुटुकवर, निवासी ग्राम उमरिया (सरायपाली) बताया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अग्रिम धन और अधिक मजदूरी के लालच में उन्हें बाहर ले जाने की तैयारी की जा रही थी।श्रम विभाग की टीम ने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की। टीम में श्रम कल्याण निरीक्षक दानेश्वर साहू, सहायक ग्रेड-03 राकेश प्रधान, मुकेश कुमार साहू और लेखापाल हिमालय चंद्राकर मौजूद थे।मामले में श्रम उप-निरीक्षक बेलारसन बघेल की शिकायत पर थाना बसना में आरोपी समीर खान के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। फिलहाल आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मजदूरों का अवैध रूप से पलायन न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि इससे मजदूरों के शोषण और मानव तस्करी जैसी स्थितियों की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों पर आगे भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


