विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम और समर्थन मूल्य पर जारी धान खरीदी की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित कार्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।कलेक्टर लंगेह ने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अपने-अपने उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण करें और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने खरीदी केंद्रों में किसानों के साथ नियमित चर्चा कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सहज हो, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे चालू रखें तथा निगरानी दल निरंतर मॉनिटरिंग करें।उन्होंने धान की नमी जांच, तौल उपकरण, मिलान पर्ची, ऑनलाइन एंट्री, टोकन वितरण और स्टैकिंग व्यवस्था का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने कहा। जिले के 16 चेकपोस्टों पर अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने और संदिग्ध वाहनों को तुरंत सीज कर प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जप्त धान को अनिवार्य रूप से थाने में सुपुर्द किया जाए तथा प्रत्येक सप्ताह भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।उन्होंने बताया कि एग्रीस्टेक एप से पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा। जिन किसानों के रकबा एंट्री या वारिसान पंजीयन में त्रुटि है, उनका सत्यापन भी जारी है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत किसान निश्चिंत रहें, उनका धान खरीदा जाएगा।मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण की समीक्षा में उन्होंने एआरओ एवं ईआरओ को गणना एवं घोषणा पत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में 1083 बीएलओ द्वारा लगभग सौ प्रतिशत गणना पत्रक वितरण और संग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया है तथा 95 प्रतिशत तक डिजिटाइजेशन कार्य संपन्न हो चुका है।अंत में कलेक्टर ने विभिन्न शासकीय योजनाओं, पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनचौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की तथा सभी अधिकारियों को प्राप्त मांग एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


