तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

बिलासपुर में जमीन खरीद–फरोख्त से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोपी सुकांत विश्वकर्मा पर पहले से बेची हुई जमीन को दोबारा दूसरे खरीदार को बेचने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पूरा मामला ठगी और कूटरचना का रूप ले चुका है।पीड़ित आदिल खान के अनुसार, सुकांत विश्वकर्मा ने सकरी स्थित खसरा नंबर 290/40 और 290/41 की कुल 6540 वर्गफुट जमीन को 23 लाख रुपये में बेचने का इकरार 22 अगस्त 2025 को नोटरी में किया था। मध्यस्थ विशाल गुप्ता की मौजूदगी में आरोपी ने चरणबद्ध तरीके से 21 हजार, 80 हजार और 4 लाख रुपये सहित कुल 8 लाख 1 हजार रुपये बयाना और आरटीजीएस के माध्यम से वसूल लिए।आरोप है कि रजिस्ट्री की तारीख आने पर सुकांत विश्वकर्मा ने लगातार बहाने बनाए और बाद में यह स्वीकार किया कि जमीन पर पहले से स्टे लगा हुआ है।

पीड़ित को इस धोखाधड़ी की सच्चाई तब पता चली जब स्थानीय अखबार में प्रकाशित खबर में उजागर हुआ कि यही जमीन आरोपी पहले ही मनोज सिंह नामक व्यक्ति को बेच चुका है। मनोज सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक के नाम अलग से शिकायत दर्ज कराई है।पीड़ित आदिल खान ने सुकांत विश्वकर्मा, उसकी पत्नी कविता विश्वकर्मा और मध्यस्थ विशाल गुप्ता के खिलाफ कूटरचना, छल–कपट और धोखाधड़ी के आरोपों में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आते ही जमीन सौदों की पारदर्शिता और जालसाजों पर सख्त निगरानी की आवश्यकता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।


