तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी विश्व कप में अपनी अद्भुत प्रतिभा का जलवा दिखाकर छत्तीसगढ़ एवं देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करने वाली संजू देवी यादव आज पूरे प्रदेश की प्रेरणा बन गई हैं। बिलासपुर संभाग अंतर्गत कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के छोटे से गांव केराकछार की यह बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिस आत्मविश्वास और दमखम के साथ चमकी है, उसने प्रदेश के खिलाड़ियों में नया उत्साह भर दिया है।संजू देवी का संघर्ष, अनुशासन और निरंतर मेहनत प्रदेश के युवाओं के लिए मिसाल है। विश्व कप में उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि प्रतिभा गांवों की मिट्टी में भी लबालब भरी है, बस उसे पहचानने और आगे बढ़ाने की जरूरत है।लेकिन बेहद दुखद है कि संजू की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अब तक राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया है। न तो सम्मान की घोषणा, न आर्थिक प्रोत्साहन और न ही खिलाड़ी कोटे से सरकारी नौकरी या डीएसपी पद पर विचार—सरकार की यह चुप्पी सवाल खड़े करती है।खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का कहना है कि जिस बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश–प्रदेश का मान बढ़ाया, उसे सम्मान और सुरक्षित भविष्य देना सरकार की जिम्मेदारी है। संजू देवी जैसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा तभी छत्तीसगढ़ खेल जगत में नई ऊंचाइयों को छुएगा।प्रदेश के खेल जगत में अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि संजू देवी को तत्काल खिलाड़ी कोटे से योग्य पद दिया जाए, राज्य सरकार विशेष सम्मान और पुरस्कार की घोषणा करे, गांव की इस अंतरराष्ट्रीय स्टार को वह पहचान मिले जिसकी वह हकदार है। सवाल वही, जब एक बेटी विश्व कप में चमक सकती है, तो क्या सरकार उसके भविष्य को उजाला नहीं दे सकती?


