विकास नंद/सर्वव्यापी/
महासमुंद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव तथा जिले की प्रभारी सचिव निहारिका बारिक ने आज जिला स्तरीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। जिले में संचालित केंद्र एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बिहान/एनआरएलएम के संचालक अश्वनी देवांगन एवं अपर आयुक्त विकास एस. आलोक, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।प्रभारी सचिव ने मनरेगा के तहत अधिकतम वाटर रिचार्ज संरचनाएँ तैयार करने, आजीविका डबरी निर्माण को बढ़ावा देने तथा इन्हें महिला स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डबरी से मछली पालन और सब्जी उत्पादन कर स्थानीय महिलाओं की आय बढ़ाने पर फोकस किया जाए।उन्होंने पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए पंचायतवार ठोस कार्ययोजना तैयार करने, गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। साथ ही बैंकर्स को महिला समूहों के लोन प्रकरण में अनावश्यक विलंब न करने और सहयोगी व्यवहार अपनाने की हिदायत दी।कलेक्टर ने बताया कि जिले के 182 केंद्रों में अब तक 1 लाख 30 हजार टन धान की खरीदी की जा चुकी है तथा 110 प्रकरणों में 12 हजार क्विंटल धान की जप्ती की गई है। किसानों का पंजीयन भी केंद्र में प्रवेश से पहले ही किया जा रहा है।स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने संसाधनों की उपलब्धता, सेवा गुणवत्ता और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर विशेष जोर दिया। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, टीकाकरण एवं पोषण परामर्श सुनिश्चित करने तथा पीएम जननी सुरक्षा योजना एवं मातृ वंदना योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के निर्देश दिए। गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने पर भी बल दिया।कृषि विभाग की समीक्षा में उन्होंने धान के विकल्प के रूप में रागी, कोदो-कुटकी जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा।उन्होंने स्कूल छात्रावासों में पीएम पोषण योजना के तहत गर्म भोजन की सुनिश्चित व्यवस्था करने तथा आश्रम-छात्रावासों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए।पीएम जनमन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सभी निर्माणाधीन घरों में अनिवार्य रूप से शौचालय का निर्माण किया जाए तथा पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगाने का प्रयास किया जाए ताकि लाभार्थियों को निर्बाध बिजली मिल सके।बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण सड़क विकास, कृषि इनपुट वितरण, पशुपालन, उद्यानिकी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी समीक्षा की गई।प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समय पर पहुँचे, कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा फील्ड विजिट बढ़ाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।


