विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी निर्बाध जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोडरीदादर सेनभांठा के किसान मनबोध द्वारा टोकन नहीं कटने से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की खबर ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।उपपंजीयक, सहकारी समिति महासमुंद ने वायरल खबर का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित किसान न तो समिति में टोकन कटाने आया था और न ही उसने किसी समिति सदस्य से सहयोग मांगा।
वायरल सूचना भ्रामक है और वास्तविकता से परे है।
खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि जिले में 182 धान उपार्जन केंद्र सक्रिय हैं, जहां खरीदी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पंजीकृत 1,58,983 किसानों में से 31,487 किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच चुके हैं। यह संख्या राज्य में सर्वाधिक प्रतिशत है, जो जिले की उत्कृष्ट व्यवस्था का प्रमाण है।श्री यादव ने कहा कि टोकन तुहर पोर्टल एवं सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध हैं।
किसानों से अपील की गई है कि टोकन को लेकर किसी भी तरह के भ्रम में न आएं और आवश्यकता पड़ने पर समिति से सहयोग प्राप्त करें। समिति प्रबंधकों को किसानों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीदी के आंकड़ें
राज्य सरकार के मंशानुसार जिले में धान खरीदी अभियान सुचारू रूप से जारी है।खरीदी के 16वें दिन तक 1,64,161 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।05 दिसम्बर को 212.92 टन धान की खरीदी दर्ज की गई।कुल खरीदी बढ़कर 1,64,374 टन तक पहुंच गई है।किसानों को समर्थन मूल्य पर उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है और वे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टोकन कटवाकर शांतिपूर्वक धान विक्रय के लिए पहुंच रहे हैं।


