विकास नंद/सर्वव्यापी/
वनमंडलाधिकारी महासमुंद मयंक पांडेय के निर्देश पर पिथौरा वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 248 (संरक्षित वन) में अवैध कटाई एवं सफाई कर अतिक्रमण के प्रयास पर 05 दिसम्बर को त्वरित कार्रवाई की गई। मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर ग्राम मेमरा निवासी मधुसूदन और साधु, पिता समारू साहू के विरुद्ध वन अपराध क्रमांक 20656/20 पंजीबद्ध करते हुए प्रकरण विवेचना में लिया गया।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें लगभग 2–3 वर्ष पूर्व प्रत्येक को 5 एकड़ का वन अधिकार पत्र मिला था। उन्होंने यह भी कबूला कि अपने पट्टा क्षेत्र से सटे जंगल को धीरे-धीरे काटकर कृषि भूमि में मिलाने के उद्देश्य से 0.61 हेक्टेयर क्षेत्र में 149 हरे वृक्षों की अवैध कटाई की गई। इस अवैध गतिविधि से क्षेत्र में वन्यजीवों के घोंसलों, अंडों और प्राकृतिक रहवास को गंभीर क्षति पहुँची है। निरीक्षण के दौरान वन्यजीवों की उपस्थिति और रहवास से जुड़े साक्ष्य भी संकलित किए गए।आरोपियों के घर से तलाशी में 21 नग सागौन चिरान, दो कुल्हाड़ी तथा एक हाथ आरा जप्त किया गया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि इन्हीं औजारों का उपयोग पेड़ों की कटाई में हुआ था। कक्ष क्रमांक 248 में हुई लोकसंपत्ति क्षति और पर्यावरणीय हानि को ध्यान में रखते हुए—लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984, भारतीय वन अधिनियम 1927, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 तथा छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 की प्रासंगिक धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को 06 दिसम्बर को गिरफ्तार कर न्यायालय बसना में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश जारी किया गया। साथ ही पूर्व में दिए गए वन अधिकार मान्यता पत्र को निरस्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।यह संपूर्ण कार्रवाई वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय के निर्देशन में, संयुक्त वनमंडलाधिकारी पिथौरा डिम्पी बैस के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा सालिकराम डडसेना की उपस्थिति में संपन्न हुई। प्रकरण तैयार कर न्यायिक रिमांड हेतु इसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बसना मंजीत जांगड़े के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ललित पटेल, प.स. ननकुसिया साहू, परिसर रक्षी प्रभा ठाकुर, प.र. वीरेंद्र बंजारे, प.र. कोकिलकांत दिनकर, प.र. पुष्पा नेताम और प.र. कुलेश्वर डडसेना का विशेष सहयोग रहा।


