तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
लिंगियाडीह क्षेत्र में पिछले 50 वर्षों से बसे गरीब, श्रमिक, दुकानदार और स्थानीय परिवारों के मकान–दुकान तोड़ने की कार्रवाई को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता और एआईसीसी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने आज प्रभावित परिवारों के धरना स्थल पहुंचकर इस कार्रवाई को “जिला प्रशासन की तानाशाही नीति” बताया।उन्होंने कहा कि अमेरिकन कालोनी में 50 साल से रह रहे परिवारों को हटाने का नोटिस देना और पहले ही 173 मकान तोड़ देना पूरी तरह अमानवीय है। प्रशासन गरीबों के सिर से छत छीनने पर तुला है, यह स्वीकार्य नहीं है।”कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र के गरीबों, मजदूरों, दुकानदारों और आम जनता के सुख–दुख की लड़ाई वह 25 वर्षों से लड़ते आए हैं और आगे भी जारी रखेंगे।उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर मैं विधायक रहता तो किसी भी कीमत पर यह स्थिति उत्पन्न नहीं होने देता। गरीबों का मकान बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करूंगा।धरना स्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जारी जन आंदोलन को उनका और साथियों का पूर्ण समर्थन मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मकान तोड़ने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का समाधान प्रस्तुत किया जाए।धरना स्थल पर स्थानीय लोग, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दिलीप पाटिल, मानिकपुरी, मिश्रा पंडित, जितेंद्र शर्मा, आयुष सिंह, राज ठाकुर, पवन सिंह, प्रदीप सिंह ठाकुर, सोनू कश्यप, विनोद यादव, रामेश्वर केसरी, अमित सोनकर, राजू कश्यप, दीपक नादम सहित क्षेत्र के सैकड़ों रहवासी मौजूद रहे।


