विश्वविद्यालय में महापरिनिर्वाण दिवस पर हुआ विशेष व्याख्यान... सामाजिक जनतंत्र स्थापित करने में डॉ. आंबेडकर का महत्वपूर्ण योगदान : मंगेश दहीवले। - Sarvavyapi विश्वविद्यालय में महापरिनिर्वाण दिवस पर हुआ विशेष व्याख्यान... सामाजिक जनतंत्र स्थापित करने में डॉ. आंबेडकर का महत्वपूर्ण योगदान : मंगेश दहीवले। - Sarvavyapi

विश्वविद्यालय में महापरिनिर्वाण दिवस पर हुआ विशेष व्याख्यान… सामाजिक जनतंत्र स्थापित करने में डॉ. आंबेडकर का महत्वपूर्ण योगदान : मंगेश दहीवले।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर शनिवार 6 दिसंबर को बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का जीवन दर्शन विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में नागपुर के डॉ. आंबेडकर और बौद्ध दर्शन के चिंतक मंगेश दहीवले ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन दर्शन ने व्यक्ति की गरिमा और सामाजिक जनतंत्र को स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने खून का एक भी कतरा बहाए बिना देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक दृष्टि से समग्र परिवर्तन लाने का काम किया है, यह पूरे विश्व में एक उदाहरण है। डॉ. आंबेडकर की संविधानिक दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए दहीवले ने कहा कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे तत्वों को संविधान में लाकर डॉ. आंबेडकर ने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिए। संविधान के तत्व में जनतंत्र, शक्ति का पृथक्करण, संघीय ढांचा, कानून और नागरिकता का समावेश कर एक व्यक्ति एक मूल्य का सिद्धांत दिया। इन तत्वों के कारण भारत की अखंडता को कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित सारे तत्व देश का हर नागरिक अपनाएं और उस पर चलें तो भारत से बड़ा दुनिया में कोई देश नहीं हो सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि डॉ. आंबेडकर पूरे भारत को जोड़ने वाले संयोजक थे। उनका व्यक्तित्व उनके जीवन दर्शन की कहानी है। उन्होंने एक रास्ता बनाकर आने वाली पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त किया है। आधुनिक भारत के बुनकर के रूप में उन्हें सदियों तक याद किया जाएगा। कुलपति प्रो.शर्मा ने डॉ. आंबेडकर के संघर्ष से भरे जीवन की चर्चा करते हुए कहा कि ज्ञान, इच्छा और दृढ़संकल्प से परिपूर्ण डॉ. आंबेडकर का आधुनिक भारत को बनाने और गढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान है। महादेवी वर्मा सभागार में हुए इस आयोजन में दीप दीपन और डॉ. आंबेडकर के फोटो पर पुष्प अर्पित कर अभिवादन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कुलगीत से तथा समापन राष्ट्रगान से किया गया। कार्यकम का संयोजन डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर-सिदो-कान्हू–मुर्मू दलित एवं जनजातीय अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. अवधेश कुमार ने किया। संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बालाजी चिरडे ने किया तथा सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप सपकाले ने आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रातः 8 बजे बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समता भवन परिसर स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पार्पण एवं अभिवादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कुलपति प्रो.कुमुद शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार एवं धन्यवाद डॉ. सुरेंद्र गादेवार ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया। उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पुष्प अर्पित कर डॉ. आंबेडकर को अभिवादन किया। सायं 06 बजे गांधी हिल्स से बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समता भवन तक महापरिनिर्वाण दिवस मौन यात्रा निकाली गई, जिसमें हाथों में मोमबत्ती लेकर महामानव को अभिवादन किया गया। इन आयोजनों में शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों तथा वर्धा के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।


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