विकास नंद/सर्वव्यापी/

राज्य सरकार के निर्देशानुसार महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारूता के साथ जारी है। आज खरीदी अभियान के 17वें दिन जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों में कुल 1,81,264 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें मोटा धान 1,51,965 टन, पतला 12.2 टन तथा सरना 29,286.9 टन शामिल है। उचित मूल्य मिलने से किसान उत्साहित हैं और खरीदी व्यवस्था से संतुष्ट हैं।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रशासन, सहकारिता, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी कर रही हैं। केंद्रों में स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार तथा तौल उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित की गई है। सभी उपार्जन केंद्रों में केंद्रीय मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए प्रतिदिन का खरीदी आंकड़ा ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण तुलाई और व्यवस्थित सेवा सुनिश्चित कर रहे हैं। साथ ही समितियों में गिरदावरी मिलान एवं सत्यापन का कार्य भी जारी है, ताकि किसी भी प्रकार का अवैध विक्रय रोका जा सके।धान का उठाव, भंडारण और सुरक्षा मानकों के पालन हेतु राइस मिलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बैंक और सहकारी समितियों के बीच बेहतर समन्वय बनाया गया है।कलेक्टर ने जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शिता से संचालित करने के लिए अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अब तक अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय के 154 प्रकरण तथा 18 राइस मिलों के सत्यापन पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। संयुक्त टीम द्वारा कुल 172 प्रकरणों में 26,047.84 क्विंटल धान जप्त किया गया है, जिससे महासमुंद जिला पूरे राज्य में अग्रणी स्थान पर है।अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई भी लगातार जारी है। आज बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत तहसील कोमखान एवं सरायपाली में कुल 791 कट्टा धान जप्त किया गया। तहसील कोमखान के ग्राम लिटियादादर में परिवहन करते हुए 350 कट्टा, जबकि तहसील सरायपाली के ग्राम पतेरापाली में 441 कट्टा अवैध धान टीम ने जप्त कर संबंधित थानों को सुपुर्द किया।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीदी अवधि में किसी भी प्रकार का अवैध भंडारण, परिवहन या अनुचित गतिविधि पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो सके।


