विकास नंद/ सर्वव्यापी/
सरायपाली विकासखंड के ग्राम पंचायत बाराडोली के ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए लांत नाला पर स्वयं के संसाधनों से कच्चा स्टाप डेम (डायवर्शन बांध) निर्माण कर जल संग्रहण की उल्लेखनीय पहल की है। गांव के सरपंच, पंचगण और सभी ग्रामीणों और किसानों ने मिलकर चंदा एकत्र किया और मिट्टी से नाला को रोककर पानी को मोड़ने की व्यवस्था तैयार की, जिससे वर्षों से ग्रामीणों की सिंचाई और निस्तारी की जरूरतें पूरी हो रही हैं।ग्राम पंचायत बाराडोली के सरपंच कैलाश साहू और स्थानीय किसानों ने बताया कि पिछले 10–12 वर्षों से ग्रामीण अपनी मेहनत और पैसों से यह डायवर्शन बांध बनाते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने लांत नाला से पानी उठाने के लिए चार मोटर पम्प लगाए हैं, जिससे गांव के दो बड़े तालाब हर वर्ष भरे जाते हैं। इन तालाबों का पानी पूरे गांव के निस्तारी कार्यों में उपयोग होता है।इसके अलावा लगभग दो सौ एकड़ कृषि भूमि में रबी फसल की सिंचाई भी इसी संसाधन से हो रही है। जल उपलब्धता बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।सरपंच साहू ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से शासन-प्रशासन से स्थायी स्टाप डेम के निर्माण की मांग कर रहे हैं, परंतु अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यदि यहां पक्का स्टाप डेम बन जाए, तो जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और गांव के किसानों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।ग्रामीणों ने पुनः शासन-प्रशासन से आग्रह किया है कि लांत नाला, बाराडोली के पास स्थायी स्टाप डेम का निर्माण शीघ्र स्वीकृत किया जाए, ताकि जल संरक्षण, निस्तारी और सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सके।ग्रामवासियों का यह सामूहिक प्रयास समूचे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी मिसाल बन गया है।


