तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के राज्यसभा सांसद आखिर हैं कहाँ…? यह सवाल आज आम जनता से लेकर कांग्रेस और भाजपा—दोनों दलों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं तक के माथे पर गहरी शिकन बनकर उभर रहा है। प्रदेश की समस्याएँ आसमान पर, जनता समाधान को तरस रही, लेकिन सांसद महोदय तो मानो किसी ‘गुप्त तपस्या’ में लीन हैं—वो भी छत्तीसगढ़ के बाहर!प्रदेश के कई जिलों में जनता खुलेआम पूछ रही है कि “राज्यसभा सांसद क्या केवल शपथ लेने के लिए ही बनते हैं? या फिर दिल्ली में ही स्थायी प्रवास का टिकट मिल जाता है?” वहीं राजनीतिक दलों के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी नाराज़ हैं कि प्रदेश हित के मुद्दों पर पैरवी करने वाला उनका प्रतिनिधि महीनों से जनता की पहुँच से दूर है।छत्तीसगढ़ की सड़कें, बिजली, पानी, वनाधिकार, बेरोजगारी, निवेश—all pending… लेकिन सांसद महोदय के ‘मोबाइल लोकेशन’ का स्टेटस हमेशा बाहर का ही दिखता है। कार्यकर्ताओं का कहना है-“हमारे सांसद की तरह तो गूगल मैप भी इतने घूम-घूम कर लोकेशन नहीं बदलता!”जनता में यह भी चर्चा गर्म है कि शायद सांसद महोदय ‘राजनीतिक प्रवासी/एनआरएस (Non-Resident Sansad)’ की नई श्रेणी में शामिल हो चुके हैं, क्योंकि प्रदेश के मुद्दों पर उनकी चुप्पी अब चिन्ता नहीं, व्यंग्य का विषय बन चुकी है। राजनीतिक गलियारों में सवाल सिर्फ एक है कि छत्तीसगढ़ ने राज्यसभा सांसद भेजा था… या हवा में उड़ जाने वाला कोई ‘विशेष दूत’?


