तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
परिवारिक वातावरण में बिदाई समारोह का आयोजन किया गया, सेजेस तिफरा से चार व्याख्याता प्राचार्य पद पर पदोन्नति से प्राचार्य बने हैं, सभी अपने दायित्व नये संस्था में निभा रहे हैं। तिफरा मे लंबे समय बिताने के बाद एक लंबे संघर्ष और प्रतिक्षा से प्राचार्य पद पर सभी गये है । संस्था के द्वारा सभी के सम्मान में सम्मान समारोह सह बिदाई समारोह का आयोजन किया गया । इस अवसर पर प्राचार्य बनने पर रवि दुबे, सुमन शुक्ला, रीता सिंह, दुर्गेश नंदिनी सिंह सभी ने इस अवसर पर अपनी अपनी स्मृति जो सभी के साथ बिताये है साझा किये ।
प्राचार्य डा. विश्वनाथ कश्यप ने सभी को बधाई देते हुए स्मृति चिन्ह भेट किये और नये पद की गरिमा के अनुसार सभी को अपने नये उत्तरदायित्व को निभाने शुभकामनाये दी। जय कौशिक ने अपने अनुभव साझा करते हुये बताया कि शिक्षक का सफर यादगार तब होता है जब वह इसे जबरदस्ती नहीं जबरदस्त तरीके से तय करें और बच्चो के प्रति समर्पण के भाव से आत्मसंतुष्टि मिलती है सभी प्राचार्य हमारे मार्गदर्शक रहे हैं । इस अवसर पर अपनी स्वरचित पुस्तक सफर से सभी को अवगत कराया और उसके एक एक पन्ने में प्रेरणादायक विचार होने की बात कही,इक प्यार का नगमा है गीत गाकर और सफर के एक दो लाइन सुनाकर परिवारिक वातावरण बनाने का प्रयास किया, रेखा दुबे,कृष्ण कुमार तिवारी , निखिल कौशिक,रंजना जायसवाल,सुमन राय ने भी अपने विचार रखे और सेवाकाल में यादगार सफर की स्मृति ताजा किये ,बहुत अच्छे से मंच संचालन करते हुए रजनीगंधा बेहार और सविता त्रिवेदी ने स्वागत गीत से बहुत ही शानदार वातावरण बनाया और सभी अतिथियों ने इस भावुक पल में अपने विचार रखते हुए और सभी के साथ बिताये पल को कभी नहीं भुलने की बात कही और बीच बीच में भावुक होते रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने बबीता सिंह,इंदु शर्मा, भाग्यश्री मंगरुलकर,बसंती कैवर्त,नौरिन परवीन,सरिता सांडिल्य,रेणुका तिवारी,अरुणा नर्मदा,मिलिंद भानदेव,सरस्वती उपाध्याय , ज्योति सूर्या,अजीम बेग,कृष्ण कुमार साहु लगे रहे।


