विकास नंद/सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बीते दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को विकास की धुरी बनाते हुए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है।महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक 14,306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिलाओं को संपत्ति अधिकार देने, रजिस्ट्री शुल्क में छूट, महतारी सदनों का निर्माण और मितानिनों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का ऑनलाइन भुगतान जैसे फैसलों ने सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती दी है।स्व-सहायता समूहों को ऋण, रेडी-टू-ईट कार्य, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, दीदी ई-रिक्शा और मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना जैसी पहलें महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं। महिला सुरक्षा के लिए नवाबिहान योजना, 181 हेल्पलाइन और सखी वन-स्टॉप सेंटर के डिजिटल मॉडल ने त्वरित सहायता सुनिश्चित की है।महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 2025-26 में 8,245 करोड़ रुपये का बजट यह दर्शाता है कि महिला कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ आज महिला विकास, आत्मनिर्भरता और समानता की दिशा में एक नई पहचान बना रहा है।