सेवा, संवेदना और सशक्त चिकित्सा का भरोसा: जिला चिकित्सालय में डॉ. अंबरीन सबा मलिक बनीं महिला मरीजों की पहली पसंद।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के जिला चिकित्सालय में पदस्थ महिला चिकित्सक डॉ. अंबरीन सबा मलिक अपने उत्कृष्ट कार्य, संवेदनशील व्यवहार और समर्पित सेवा भाव के कारण महिला मरीजों के बीच विशेष भरोसे का प्रतीक बन चुकी हैं। अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं का कहना है कि डॉ. मलिक न केवल चिकित्सकीय रूप से कुशल हैं, बल्कि वे मरीजों की समस्याओं को पूरी संवेदना और धैर्य के साथ सुनती हैं, जिससे मरीज खुद को सुरक्षित और संतुष्ट महसूस करती हैं।सूत्रों के अनुसार, कुछ दलाल प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उनकी साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने के प्रयास किए गए, लेकिन ये सभी प्रयास पूरी तरह नाकाम साबित हुए। डॉ. अंबरीन सबा मलिक का ईमानदार कार्य और मरीजों का विश्वास इन साजिशों के खिलाफ सबसे मजबूत जवाब बनकर सामने आया है।जिला चिकित्सालय में आने वाली महिला मरीजों का स्पष्ट कहना है कि डॉ. मलिक का व्यवहार सहयोगात्मक, मानवीय और भरोसेमंद है। उपचार के दौरान वे न केवल बीमारी पर ध्यान देती हैं, बल्कि मरीज की मानसिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों को भी समझने का प्रयास करती हैं, जो उन्हें एक आदर्श चिकित्सक बनाता है।उल्लेखनीय है कि डॉ. अंबरीन सबा मलिक के पति डॉ. जुनैद मलिक भी मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ हैं और अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। दोनों चिकित्सकों की जोड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने का कार्य कर रही है।कुल मिलाकर, डॉ. अंबरीन सबा मलिक की कार्यशैली यह साबित करती है कि सच्ची सेवा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के सामने किसी भी प्रकार की नकारात्मक कोशिश टिक नहीं सकती। जिला चिकित्सालय में उनका योगदान महिला स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक मजबूत आधार बन चुका है।


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