हिंदी विश्वविद्यालय के 29वें स्थापनोत्सव पर भारतीय खेल मल्लखंब का भव्य प्रदर्शन*महाराष्ट्र की समृद्ध खेल परंपरा का प्रतीक है मल्लखंब: कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के 29वें स्थापनोत्सव के अवसर पर शुक्रवार , 9 जनवरी को मेजर ध्यानचंद क्रीड़ा स्थल पर भारतीय पारंपरिक खेल मल्लखंब का भव्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मल्लखंब महाराष्ट्र की समृद्ध खेल परंपरा का प्रतीक है और ऐसे आयोजनों से युवाओं में भारतीय खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने भविष्य में भी विश्वविद्यालय में इस प्रकार के खेल प्रदर्शनों के आयोजन करने का आश्वासन दिया।यह आयोजन श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल द्वारा संचालित डिग्री कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, अमरावती के संयुक्त तत्त्वावधान में संपन्न हुआ। स्वागत वक्तव्य एवं कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फरहद मलिक ने मल्लखंब खेल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस खेल की शुरुआत पेशवा के राजा द्वारा सैनिकों के प्रशिक्षण हेतु की गई थी तथा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई भी मल्लखंब का अभ्यास करती थीं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल और डिग्री कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन ने इस खेल के संरक्षण एवं प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में भारत सरकार ने मल्लखंब को युवा खेलों में शामिल किया है तथा इसे मार्शल आर्ट की श्रेणी में भी देखा जा सकता है।श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल से जुड़े आशीष हाटेकर ने कुलपति का आभार व्यक्त करते हुए संस्था के मूल उद्देश्य और कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में मल्लखंब के साथ-साथ खो-खो, कबड्डी सहित अन्य खेलों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 1927 में इस मंडल में राजगुरु का आगमन हुआ था तथा 1933 में महात्मा गांधी ने भी इस मंडल का भ्रमण किया था। मंडल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने आगे चलकर देशसेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका उद्देश्य मल्लखंब को केवल देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना है। कार्यक्रम के दौरान मल्लखंब के साथ-साथ विभिन्न खेलों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत कौशल, संतुलन और शारीरिक दक्षता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों के सशक्त और प्रभावशाली प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। पूरे कार्यक्रम ने दर्शकों के लिए एक यादगार और जोशीला वातावरण निर्मित कर दिया।


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