विकास नंद/ सर्वव्यापी/
आज महासमुंद में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने केंद्र की मोदी–भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की मूल आत्मा को समाप्त कर मजदूरों से उनके संवैधानिक अधिकार छीने जा रहे हैं।डॉ. महंत ने महासमुंद जिला कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मनरेगा के नए प्रावधानों में कई गंभीर विसंगतियां हैं। केंद्र सरकार राज्यों पर लगभग 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना चाहती है तथा योजना के कुल खर्च का 40 प्रतिशत वहन करने के लिए राज्यों को मजबूर किया जा रहा है, जो संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।उन्होंने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य सरकार बीते दो वर्षों में लगभग 90 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। आर्थिक तंगी के चलते प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं और राज्य कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है।नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी खराब है, तो भाजपा की तथाकथित “डबल इंजन सरकार” मनरेगा के तहत 125 दिनों की मजदूरी का भुगतान आखिर कैसे करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों, किसानों और गरीबों के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।