पढ़ें विशेष खबर- सरायपाली से निकले कलेक्टर दीपक सोनी की काबिलियत को मिली राष्ट्रीय पहचान।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ बलौदा बाजार जिले के कलेक्टर दीपक सोनी का दिल्ली तलब किया जाना केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा अधिकारी की कार्यशैली और काबिलियत की स्वीकृति है, जिन्होंने अपने सीमित कार्यकाल में भी गहरी छाप छोड़ी है। दीपक सोनी ने अपने प्रथम कार्यकाल में एसडीएम के रूप में सरायपाली में सेवाएँ दी थीं, जहाँ उनकी कार्यशैली से न केवल प्रशासन बल्कि आम नागरिक भी भली-भांति परिचित हैं।

एक मीडिया कर्मी होने के साथ-साथ सरायपाली का नागरिक होने के नाते यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि दीपक सोनी एक युवा, तेज-तर्रार और जनभावनाओं को समझने वाले अधिकारी रहे हैं। जनता के साथ उनका व्यवहार सरल, संवेदनशील और संवादपरख रहा, जिसने प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी तैयार की।

सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना, समस्याओं का त्वरित और व्यावहारिक निराकरण करना तथा निर्णयों में संतुलन बनाए रखना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएँ रहीं। सरायपाली में उनके कार्यकाल के दौरान आम नागरिकों की शिकायतों पर गंभीरता से सुनवाई और समयबद्ध समाधान ने उन्हें एक होनहार और काबिल अधिकारी के रूप में स्थापित किया।दीपक सोनी का दिल्ली बुलावा इस बात का संकेत है कि उनकी प्रशासनिक दक्षता और नेतृत्व क्षमता को उच्च स्तर पर सराहा जा रहा है। यह न केवल उनके लिए गर्व का विषय है, बल्कि सरायपाली क्षेत्र के लिए भी सम्मान की बात है कि यहाँ सेवाएँ दे चुके अधिकारी आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।प्रशासनिक सेवा में ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता है, जो नियमों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी समान महत्व दें—और दीपक सोनी इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते नजर आते हैं।


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