विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज ग्राम पाउँसरा एवं खरोरा स्थित धान उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जारी धान खरीदी व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, तौल प्रक्रिया, किसान टोकन प्रणाली तथा भुगतान व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। किसानों को समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने तथा आश्वस्त किया कि धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र प्रभारियों को धान की व्यवस्थित स्टैकिंग, सटीक वजन माप तथा ऑनलाइन रिकॉर्डिंग सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही उपार्जन केंद्रों में धान का अनावश्यक भंडारण न हो, इसके लिए मिलर्स एवं परिवहन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर नियमित एवं तेज गति से धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों में धान उठाव की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार किया जाए तथा दैनिक प्रगति की निरंतर निगरानी की जाए, ताकि बारिश या अन्य कारणों से धान को किसी प्रकार का नुकसान न हो।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के मंशानुरूप महासमुंद जिले में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित तरीके से सुचारू रूप से जारी है। 13 जनवरी 2026 की स्थिति में जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक लगभग 6 लाख 88 हजार 326 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं मिलर्स द्वारा लगभग 2 लाख 37 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है तथा करीब 4 लाख 89 हजार 421 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है।