तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में आयोजित फिल्म फेस्टिवल में बिलासपुर स्थित सूर्योदया फिल्म प्रोडक्शन की फिल्म ‘भले दिनों की बात’ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिल्म को ग्रामीण अंचल में फिल्माई गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ का मान राष्ट्रीय स्तर पर और ऊँचा हुआ है।फिल्म के प्रोड्यूसर व डायरेक्टर डॉ. सुनील दत्त मिश्रा हैं। यह फिल्म करीब पचास साल पहले के सामाजिक जीवन पर आधारित है और अपनी सादगी, संवेदनशीलता व ग्रामीण यथार्थ के सशक्त चित्रण के लिए जानी जा रही है। फिल्म की शूटिंग टेकर, नेचर सिटी, विद्यानगर, गीतांजलि नगर और गतोरा (बिलासपुर, छत्तीसगढ़) में की गई है, जिसने स्थानीय परिवेश को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।फिल्म के एसोसिएटेड डायरेक्टर मनोज धीवर और भूषण टोंगे (नागपुर) हैं।फिल्म के कलाकारों में डॉ. रश्मि लता मिश्रा, वंदना डे, जतिन जी, सृष्टि देवांगन, पवन अवस्थी, आशीष बक्शी, जितेंद्र राजा, अमृतेश मिश्रा, विशाल सिंह, रत्ना पाण्डेय, आशा पाण्डेय, पूनम दुबे (अंबिकापुर), ऋषिता मित्रा, राजेंद्र वर्मा, आर. कृष्णा (ओडिशा), कृष्णा श्रीवास्तव (प्रयागराज), राकेश तिवारी, डॉ. आरती पाण्डेय, शोभा चाहिल, माही, महेश देवांगन, सन्निधि विश्वनाथ राव, राधा शुक्ला, शैलेन्द्र वाजपेई, बेबी दुबे, नागेंद्र दीपेश (नेपाल), परशुराम प्रसाद (नागपुर), कन्हैया साहू, अर्जुन यादव, समर कश्यप और सिद्धेश्वर सोनी शामिल हैं।फिल्म का संगीत ओमपरमानंद वैष्णव, गीत सुनील दत्त मिश्रा, गायन शुक्ति विश्वास, सिनेमैटोग्राफी अमित टंडन, मेकअप रामऔतार निर्मलकर व जोया सरकार, तथा पीआरओ यश मिश्रा ने संभाला।इस प्रतिष्ठित सम्मान पर सूर्योदया फिल्म प्रोडक्शन की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएँ। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की रचनात्मक प्रतिभा और ग्रामीण कहानियों की ताकत को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करती है।