विकास नंद/ सर्वव्यापी/

शासन द्वारा निर्धारित धान खरीदी अवधि के समाप्त होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में धान खरीदी को पारदर्शी, सुचारू और शासन की मंशानुरूप बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सरायपाली विकासखंड का दौरा कर विभिन्न धान खरीदी केंद्रों, जांच चौकियों तथा संबंधित व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।
कलेक्टर लंगेह ने सिरपुर जांच चौकी पहुंचकर अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओड़िशा से छत्तीसगढ़ लाए जा रहे अवैध धान पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और इस पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि सरायपाली सहित जिले के विभिन्न गांवों में अवैध रूप से धान की कोचिंग करने वाले कोचियों और राइस मिलों पर छापामार कार्रवाई की गई है। अब तक पूरे जिले में लगभग 92 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया जा चुका है, वहीं लगभग पचासों वाहनों पर भी जप्ती की कार्रवाई की गई है।रात के अंधेरे में अवैध धान परिवहन जारी रहने के सवाल पर कलेक्टर लंगेह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि लापरवाही बरतने या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सरायपाली क्षेत्र के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त हुई है, जिन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी समाप्त होने में महज कुछ ही दिन शेष हैं। इस अवधि में शासन की मंशा के अनुरूप धान खरीदी सुचारू रूप से संचालित होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता, गड़बड़ी या अवैध गतिविधि पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच चौकियों पर कैमरे और कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद अवैध धान परिवहन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाने के सवाल पर कलेक्टर ने बताया कि कुछ कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर तहसीलदार सरायपाली सहित राजस्व विभाग की पूरी टीम, खाद्य विभाग, मंडी विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर के इस सघन निरीक्षण और सख्त निर्देशों से जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।