विकास नंद/ सर्वव्यापी/

धान खरीदी के अंतिम चरण में कलेक्टर विनय लंगेह द्वारा की जा रही सतत और सघन मॉनिटरिंग के चलते जिले में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। कलेक्टर स्वयं फील्ड में उतरकर उपार्जन केंद्रों, अंतरराज्यीय जांच चौकियों और सीमावर्ती क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे अवैध धान परिवहन और अनियमित खरीदी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।कलेक्टर द्वारा उड़ीसा बॉर्डर की सिरपुर चेक पोस्ट सहित बिरकोल, सिंघोड़ा जांच चौकी एवं तोरेसिंहा तथा तिहारीपाली धान उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परिवहन दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर, तौल प्रक्रिया और भंडारण व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई तथा मौके पर ही आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए।कलेक्टर लंगेह ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी। अंतिम दिनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए प्रत्येक उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारियों को अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।उनके निर्देश पर जिन किसानों के टोकन कट चुके हैं लेकिन धान विक्रय नहीं किया गया है, उनके मामलों की अलग से समीक्षा की जा रही है। वहीं जिन किसानों का धान बिक चुका है लेकिन रकबा शेष है, उन्हें रकबा समर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्टॉक, उठाव और प्रतिदिन की खरीदी के आंकड़ों का आपसी मिलान कर किसी भी संभावित गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर द्वारा प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धान खरीदी की समीक्षा किए जाने से प्रशासनिक निगरानी और अधिक मजबूत हुई है। इसके परिणामस्वरूप जिले में अवैध धान परिवहन के विरुद्ध दर्जनों वाहनों पर कार्रवाई की गई है और महासमुंद जिला जप्ती के मामलों में राज्य में अग्रणी बना हुआ है।जिले में धान खरीदी के लिए अब केवल 10 दिन शेष हैं। 15 जनवरी की स्थिति में अब तक 7,45,975 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है तथा 1,624 हेक्टेयर रकबा का समर्पण कराया गया है। कलेक्टर लंगेह की प्रभावी मॉनिटरिंग से धान खरीदी प्रक्रिया को अंतिम चरण तक निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने की दिशा में प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।