तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिला से लगे हुए मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिले में विकास की रफ्तार के पीछे यदि किसी प्रशासनिक चेहरे की सबसे सशक्त भूमिका उभरकर सामने आई है, तो वह हैं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर। स्पष्ट सोच, सख़्त निगरानी और ज़मीनी स्तर पर सक्रिय कार्यप्रणाली के चलते उन्होंने जिला पंचायत को केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि विकास का इंजन बना दिया है।जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद स्थापित करते हुए योजनाओं को काग़ज़ों से निकालकर गांव–गांव तक पहुँचाया है। चाहे ग्रामीण सड़कें हों, पेयजल, स्वच्छता, आजीविका से जुड़ी योजनाएं हों या पंचायतों की वित्तीय पारदर्शिता—हर क्षेत्र में उनकी सीधी मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय क्षमता साफ दिखाई देती है।कलेक्टर तुलिका प्रजापति के साथ उनका समन्वय जिले के प्रशासनिक ढांचे को और मज़बूत कर रहा है। विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई ने जिला पंचायत को नई कार्यसंस्कृति दी है, जिसकी सराहना अब जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक कर रहे हैं।सीईओ भारती चंद्राकर के नेतृत्व में जिला पंचायत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि नेतृत्व दृढ़ हो और नीयत साफ हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। आज मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिले की बदलती तस्वीर इस बात की गवाह है कि विकास की कमान मज़बूत हाथों में है।