विकास नंद/ सर्वव्यापी/
सरायपाली नगर क्षेत्र में भारी वाहनों पर नो एंट्री लागू किए जाने की मांग को लेकर आमजन लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन यह गंभीर जनहित का मुद्दा जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का शिकार बना हुआ है। नगर में ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहनों की बेतरतीब आवाजाही से आम नागरिकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्धारित समय पर नो एंट्री का नियम लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, ताकि नगर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। वर्तमान स्थिति में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नगर के मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे कई बार हादसे हो चुके हैं और कई बार बड़े हादसे होते-होते बचे हैं।आमजन का आरोप है कि मौखिक रूप से तथा मीडिया के माध्यम से भी प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे नगरवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।नगरवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर क्षेत्र में भारी वाहनों पर शीघ्र नो एंट्री लागू की जाए, नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह भी केवल एक औपचारिक आयोजन बनकर रह जाएगा।