तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद एवं महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के सहयोग से शनिवार, 24 जनवरी को विश्वविद्यालय के कस्तूरबा सभागार में अध्यापक शिक्षा संस्थानों के लिए उल्लास नव भारत साक्षरता के अंतर्गत राष्ट्रीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पूर्वाह्न 09:00 बजे से आयोजित कार्यक्रम में आर.आई.ई. भोपाल के सहायक प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार उल्लास योजना के क्रियान्वयन में अध्यापक शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर, अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली के सहायक प्राध्यापक डॉ. ऋषभ मिश्रा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और समुदाय सहभागिता से विकसित भारत के लक्ष्य को सुदृढ़ करने में शैक्षिक संस्थानों की भूमिका पर, एससीईआरटी महाराष्ट्र के निदेशक राहुल रेखावर अध्यापक शिक्षा संस्थानों के लिए उल्लास : आगे की राह विषय पर, महाराष्ट्र सरकार, निदेशक (योजना), के. वी. पाटील महाराष्ट्र राज्य में उल्लास के कार्यान्वयन की स्थिति पर उद्घाटन सत्र में विचार रखेगें। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर करेंगे। स्वागत संबोधन शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. समरजीत यादव करेंगे तथा धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ की वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अलका योगी करेंगी। द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ की परामर्शदाता ज्योति तिवारी उल्लास- नव भारत साक्षरता कार्यक्रम एवं अध्यापक शिक्षा संस्थानों में सामाजिक चेतना केंद्र विषयों पर संबोधित करेंगी तथा अपराह्न 12:30 बजे से अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. ऋषभ मिश्रा उल्लास के अंतर्गत टीईआईएस की भूमिका एवं दायित्व विषय पर राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ, नई दिल्ली की वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अलका योगी एनसीईआरटी वेबसाइट पर शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों हेतु संसाधन सामग्री पर, राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र – प्रकोष्ठ, नई दिल्ली की परामर्शदाता ज्योति तिवारी उल्लास ऐप पर एवं राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ, नई दिल्ली के परामर्शदाता डॉ. सियाराम मीणा आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता विषय पर संबोधित करेंगे।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने ‘सबके लिए शिक्षा’ की परिकल्पना को सुदृढ़ करते हुए देश के प्रत्येक अशिक्षित नागरिक को साक्षर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2022 में उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य उन सभी 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान प्रदान करना है, जिन्होंने किसी भी कारणवश औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह गए।राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के अंतर्गत मार्च 2021 में स्थापित राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ उल्लास कार्यक्रम के शैक्षणिक एवं अकादमिक समर्थन हेतु समर्पित रूप से कार्य कर रहा है। सीएनसीएल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय स्थापित कर 100% साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन है। शिक्षक शिक्षा संस्थानों की सक्रिय सहभागिता के बिना इस लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ के सतत प्रयासों, सुव्यवस्थित योजना एवं सभी हितधारकों के सहयोग से यह विश्वास है कि उल्लास कार्यक्रम देश में साक्षरता की नई परिभाषा स्थापित करेगा और भारत को पूर्ण साक्षर राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा।