जीवन जीने का सलीका सिखाती है कविता : प्रो. कुमुद शर्मा।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर ग़ालिब सभागार में 25 जनवरी को आयोजित काव्य गोष्ठी में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि कविता जीवन जीने का सलीका सिखाती है। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कविताओं पर अपनी टिप्पणी करते हुए कुलपति ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई है। विश्वविद्यालय ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निखारने का चौतरफा रास्ता देगा। उन्होंने एक से बढ़कर एक कविता की प्रस्तुति पर प्रसन्नता जाहिर करते विश्वास जताया कि उत्कृष्ट प्रतिभा के भावी कवि हमारे विश्वविद्यालय में हैं जो हिंदी का स्वाभिमान बढ़ाएंगे और अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बनाएंगे। काव्य गोष्ठी में हिंदी साहित्य विभाग के विद्यार्थी आदित्य तिवारी, प्रदीप कुमार, विश्वास सिंह, खुशाल सिंह, जनसंचार की दिव्या झा, आशीष रंजन चौधरी, वेदिका मिश्रा, भाषा विज्ञान के शोधार्थी पंकज कुमार टेंभे, शुभम्, जनार्दन दीक्षित, अमित कुमार, अभिजीत पाठक ने अपनी कविताओं से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। विश्वविद्यालय के अध्यापक डॉ. रामानुज अस्थाना, डॉ. प्रियंका मिश्रा, डॉ. अमरेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. चंद्रशेखर पाण्डेय, डॉ. संदीप वर्मा ने कविता और ग़ज़लों की प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। आवासीय लेखक डॉ. भूषण भावे और डॉ. क्षमा कौल, कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान ने भी कविता व शेरों शायरी से काव्य गोष्ठी में माहौल बनाया। काव्य गोष्ठी का संचालन डॉ. मीरा निचले ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलित कर एवं कुलगीत की प्रस्तुति से किया गया। इस अवसर पर प्रो. प्रीति सागर, प्रो. कृपा शंकर चौबे, डॉ. राकेश मिश्र, डॉ. एच. ए. हुनगुंद, डॉ. जयंत उपाध्यक्ष, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. संदीप सपकाले, डॉ. कोमल कुमार परदेसी, डॉ. तेजस्वी एच. आर., बी. एस. मिरगे सहित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!