वन विभाग में कथित कमीशन सिंडिकेट! अफसरों के घोटालों के सबूत ‘बिचौलिए पंडित’ तक, मासिक वसूली के गंभीर आरोप।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में कथित रूप से चल रहे घोटालों को लेकर एक बार फिर सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग के कुछ अफसरों द्वारा किए जा रहे कथित वित्तीय अनियमितताओं के सबूत एक कथित बिचौलिए ‘पंडित जी’ तक पहुंचाए जाने की बात कही जा रही है, जो बदले में अफसरों से लाखों रुपये मासिक कमीशन वसूलने का आरोप झेल रहे हैं।विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में गौ…,सा… नामक व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जिन पर अफसरों और कथित बिचौलिए के बीच संपर्क कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति को “पंडित जी” कहा जा रहा है, वह किसी शासकीय पद पर नहीं है, इसके बावजूद कथित तौर पर वर्षों से विभागीय अफसरों से लेन-देन कर रहा है।आरोप यहां तक हैं कि नियमित मासिक वसूली के चलते वह व्यक्ति अल्प समय में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया, जबकि उसकी आय के वैध स्रोत स्पष्ट नहीं हैं। यह भी कहा जा रहा है कि घोटालों से जुड़े दस्तावेज और सबूतों को दबाने अथवा सौदेबाजी के लिए इसी चैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है।हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक न तो वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही आरोपित व्यक्तियों ने सार्वजनिक रूप से अपनी सफाई दी है।मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच, आय के स्रोतों की जांच तथा ईडी/एसीबी जैसी एजेंसियों की दखल की मांग तेज हो गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न केवल विभाग बल्कि शासन की साख पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। वहीं पूरे मामले की खबर वन मंत्री केदार कश्यप को होने के बाद भी मंत्री भी मौन साधे बैठे हुए हैं जो समझ से परे है। वहीं सर्वव्यापी अपने आगामी अंकों में इस मामले की पूरा खुलासा करेंगी..!


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