तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
कोरबा के नगर सैनिक संतोष पटेल की बर्खास्तगी के बाद उसके द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने से कोरबा नगर सेना होमगार्ड में भारी आक्रोश फैल गया है। आक्रोशित नगर सैनिकों ने जिला सेनानी कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया है और साफ चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।धरनारत नगर सैनिकों की प्रमुख मांगों में संतोष पटेल की तत्काल बहाली, जिला सेनानी के विरुद्ध जुर्म दर्ज करना और उनका स्थानांतरण शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे खाना बनाकर मौके पर ही डटे रहने की तैयारी कर चुके हैं, जिससे आंदोलन के लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं।हैरानी की बात यह है कि बागी रुख की जानकारी होने के बावजूद अब तक प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी धरना स्थल पर वार्ता के लिए नहीं पहुंचा है। इससे नगर सैनिकों का आक्रोश और गहरा गया है।पूरा मामला कोरबा नगर सेना होमगार्ड से जुड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला सेनानी कमांडेंट को हटाकर एक महिला कमांडेंट को जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, धरनारत नगर सैनिकों का कहना है कि यह कदम मूल मांगों का समाधान नहीं है।नगर सैनिकों ने आरोप लगाया कि ऐसे मामले अब होमगार्ड में आम होते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद गृह मंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्या प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करेगा या कोरबा में होमगार्ड का यह आक्रोश राज्यस्तरीय आंदोलन का रूप लेगा?