होटल बंशीवाला की ऐतिहासिक पहल: जवानों को हमेशा 50% रियायत, शहीद परिवारों को हर माह निःशुल्क भोजन।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बिलासपुर के प्रतिष्ठित होटल बंशीवाला ने देशभक्ति की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे शहर का दिल जीत लिया है। देश की रक्षा में तैनात जल, थल और वायु सेना के जवानों के सम्मान में होटल प्रबंधन ने एक स्थायी निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि अब से सभी सैनिकों से होटल में लंच या डिनर के लिए मात्र 50 प्रतिशत शुल्क ही लिया जाएगा। यह सुविधा स्थायी रूप से लागू रहेगी। होटल बंशीवाला के संस्थापक दिनेश चंदानी ने यह जानकारी साझा की। इस अवसर पर उन्होंने सर्वव्यापी के संपादक एवं अपने बचपन के मित्र तरुण कौशिक से चर्चा करते हुए बताया कि यह निर्णय उन्होंने 26 जनवरी को देश के वीर जवानों को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया।इतना ही नहीं, होटल बंशीवाला ने शहीद सैनिकों तथा छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में शहीद हुए जवानों के परिवारों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाते हुए एक विशेष “सम्मान कार्ड योजना” की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत शहीद परिवार के सदस्यों के लिए होटल के नाम से एक विशेष कार्ड जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से उन्हें हर महीने एक बार पूरे परिवार के लिए निःशुल्क लंच या डिनर की सुविधा दी जाएगी,चाहे परिवार में सदस्य एक हों या पांच।अपनी प्रेरणा के बारे में बताते हुए दिनेश चंदानी ने कहा कि जब वह देखते हैं कि हमारे देश के वीर जवान सीमा पर तपती धूप, कड़ाके की ठंड और मूसलाधार बारिश में भी डटे रहते हैं, और देश के भीतर आपात परिस्थितियों व आतंकी घटनाओं के समय आम जनता की रक्षा के लिए सबसे पहले पहुंचते हैं, तो उनके प्रति सम्मान और प्रेम स्वतः ही और गहरा हो जाता है।उन्होंने कहा, “यह मेरा छोटा सा प्रयास है उन महान बलिदानों को सलाम करने का, जिन्होंने हमारे सुरक्षित आज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है।”दिनेश चंदानी की इस अनूठी पहल ने बिलासपुरवासियों के दिलों को छू लिया है। शहर के नागरिकों का कहना है कि उन्होंने अब तक किसी होटल या व्यापारिक संस्था को इस तरह सैनिकों और शहीद परिवारों के प्रति इतनी संवेदनशीलता, सम्मान और जिम्मेदारी निभाते नहीं देखा।होटल बंशीवाला की यह पहल न केवल समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि देश की रक्षा करने वालों का सम्मान केवल नारों से नहीं, बल्कि ठोस कर्मों से किया जाना चाहिए।


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