विकास नंद/ सर्वव्यापी/
नशामुक्त महासमुंद बनाने के लक्ष्य की दिशा में महासमुंद पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स एवं जिला पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाते हुए बीते 48 घंटों में नारकोटिक एक्ट के 05 अलग-अलग प्रकरणों में बड़ी सफलता हासिल की है।
इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 90 किलो 920 ग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 45 लाख 46 हजार रुपये है, जब्त किया गया है। साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त कार, मोटरसायकल एवं स्कूटी भी जब्त की गई हैं। प्रकरणों में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन से तस्करी नेटवर्क पर चोट महासमुंद पुलिस द्वारा पंजीबद्ध नारकोटिक्स एक्ट के मामलों में एंड-टू-एंड विवेचना के तहत केवल परिवहनकर्ताओं तक सीमित न रहकर सोर्स से डेस्टिनेशन तक सम्पूर्ण सप्लाई चैन पर कार्रवाई की जा रही है।
इसी रणनीति के तहत अब तक कई अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को चिन्हित कर तोड़ा गया है।
जनवरी माह में ऐतिहासिक कार्रवाई माह जनवरी 2026 में महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक2067.716 किलोग्राम गांजा146 नग अवैध कफ सिरपकुल अनुमानित कीमत 10 करोड़ 31 लाख 24 हजार 108 रुपये का अवैध मादक पदार्थ जब्त किया गया है।इस अवधि में 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के अंतर्गत 08 प्रकरणों में 27 आरोपियों को जेल भेजा गया तथा एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।अंतरराज्यीय तस्करी पर कड़ा शिकंजापिछले 48 घंटों में सामने आए प्रकरणों में गांजा तस्करी का नेटवर्क उड़ीसा से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान तक फैला पाया गया। पुलिस ने सिंघोड़ा, बसना, बलौदा और पिथौरा थाना क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा।नशामुक्त महासमुंद की दिशा में सतत अभियान संपूर्ण कार्रवाई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स एवं जिला महासमुंद पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी इसी तरह सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।